केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज मध्य प्रदेश के रीवा में 204 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 2,444 करोड़ रुपये की 7 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव, रीवा से सांसद जनार्दन मिश्रा, सीधी से सांसद रीति पाठक, सांसद गणेश सिंह, मध्य प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री एवं सभी सांसद-विधायक तथा अधिकारीगण मौजूद थे।
नितिन गडकरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चुरहट सुरंग और बाईपास बनने से रीवा से सीधी के बीच की दूरी 7 किलोमीटर कम हो गई है। अब यह सफर ढाई घंटे की बजाय 45 मिनट में ही पूरा किया जा सकेगा। इसके साथ ही मोहनिया घाट को पार करने में 45 मिनट के स्थान पर अब सिर्फ 4 मिनट का समय ही लगेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुरंग के निर्माण से रीवा-सीधी खंड में वाहनों की आवाजाही में सुविधा होगी और सफेद बाघों एवं अन्य जंगली जानवरों तथा पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा की जा सकेगी। देवतालाब-नईगढ़ी सड़क के बनने से रीवा जिले का प्रयागराज और वाराणसी तक आवागमन आसान हो जाएगा।
नितिन गडकरी ने कहा कि सतना-बेला चार-लेन सड़क के निर्माण से इस क्षेत्र में कोयला, सीमेंट और हीरा उद्योगों के लिए कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के तैयार हो जाने के बाद सतना से रीवा तक का सफर 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा और झांसी, ओरछा, खजुराहो, पन्ना तथा सतना जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुंचना सरल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों और अन्य छोटे उद्यमियों की बाजार तक सुविधापूर्ण पहुंच सुनिश्चित होगी जिससे समय व ईंधन की बचत होगी।
इस अवसर पर नितिन गडकरी ने रीवा-सीधी सड़क को चार लेन करने की मांग को स्वीकृति प्रदान करते हुए इसे चौड़ा करने की घोषणा की। उन्होंने रीवा के 19 किलोमीटर लंबे 2 लेन बायपास को 4 लेन का करने का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि इस बाइपास के चौड़ा होने से सतना से चोरहाट होते हुए प्रयागराज-वाराणसी का बेहतर सड़क संपर्क बहाल हो जाएगा।
नितिन गडकरी ने आज रीवा में मध्य प्रदेश की पहली 1600 करोड़ रुपये की लागत से 2.28 किलोमीटर लंबी 6-लेन वाली दोहरी सुरंग और 13 किलोमीटर 4-लेन बाईपास का भी उद्घाटन किया।
एनएटीएम पद्धति से बनी यह दोहरी सुरंग 300 मीटर में एक-दूसरे से मिलती है, जिससे यातायात में कोई बाधा नहीं आएगी। मोहनिया घाटी में घुमावदार मोड़ होने की वजह से वाहनों के चलने में अधिक समय लगने के कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती थी, जो इस सुरंग के बनने के साथ ही समाप्त हो गई है। इस सुरंग में 200 मीटर की दूरी पर एग्जॉस्ट फैन, ऑप्टिकल फाइबर लीनियर आईटी डिटेक्शन प्रणाली, आग से बचाव का सिस्टम, कंट्रोल रूम, कैमरा और फोन सेवा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
यहां पर भारत का पहला कृत्रिम जल सेतु है, जिसके नीचे सुरंग और ऊपर बाणसागर नहर है तथा इसके ऊपर पहले की सड़क भी बनी हुई है। इस सुरंग में एक बड़ा और एक छोटा पुल, एक आरओबी, एक ओवरपास, एक अंडरपास, 4 नहर क्रॉसिंग, 11 बॉक्स पुलिया और 20 पुलिया का निर्माण किया गया है।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment