ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने आज नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में “ग्रामीण विकास की 9 वर्षों की उपलब्धियों” पर मीडिया को जानकारी प्रदान की। गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उनका विभाग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के आदर्श लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। केन्द्रीय मंत्री महोदय ने रेखांकित किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के अन्तरगत धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अतिरिक्त धनराशि के लिए वित्त मंत्रालय से संपर्क किया गया है और इसे जल्द ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि उनका मंत्रालय इस वर्ष के अंत तक 2 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में इस योजना की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री महोदय ने इन उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और आम आदमी तक पहुंचने के लिए मंत्रालय की 9 वर्ष की उपलब्धियों पर विवरण पत्र जारी किया। विवरण पत्र नागरिकों को ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) के अंतर्गत योजनाओं और पिछले वर्षों में मंत्रालय के अंतर्गत हुई प्रगति के बारे में जानकारी प्रदान करने में सहायक होंगे।
गिरिराज सिंह ने विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ग्रामीण गरीबों के जीवन में परिवर्तन के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में काफी प्रगति की है।
वर्ष 2014 से डीएवाई-एनआरएलएम (दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के अंतर्गत, कुल 7.33 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) में सम्मिलित किया गया है। बैंकों द्वारा स्वयं सहायता समूहों को वितरित ऋण की राशि 7.22 लाख करोड़ से अधिक है। यह प्रशंसनीय है कि वर्ष 2014 के बाद से गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का प्रतिशत घटकर 1.88 प्रतिशत हो गया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय का लक्ष्य अब दिसंबर, 2023 तक 10 करोड़ स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की दीदियों तक पहुंचना और कम से कम 2 करोड़ दीदियों को लखपति दीदी बनाना है।
पीएमएवाई-जी (प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण) के अंतर्गत विभाग द्वारा पिछले 9 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 3.21 करोड़ घरों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन पिछले 9 वर्षों में लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए कुल 2.48 लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई।
पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) के अंतर्गत, कुल 7.44 लाख किलोमीटर लंबाई की सड़क पूरी हो चुकी है और 1.62 लाख से अधिक ग्रामीण बस्तियों को सभी मौसम वाली सड़कों से जोड़ा गया है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना के अंतर्गत, पिछले 9 वर्षों के दौरान कुल 2,644 करोड़ व्यक्ति दिवस सृजित किए गए हैं और 6.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि केंद्रीय हिस्सेदारी के रूप में जारी की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल भंडारण पहल के रूप में 67,000 से अधिक ‘अमृत सरोवर’ का निर्माण किया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय को एकीकृत और सतत ग्रामीण विकास के लिए हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश विकास और कल्याण गतिविधियों के लिए नोडल मंत्रालय होने के नाते, ग्रामीण विकास मंत्रालय देश की समग्र विकास रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंत्रालय की परिकल्पना और मिशन आजीविका के अवसरों को बढ़ाकर, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके और विकास के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करते हुए गरीबी उन्मूलन के लिए एक बहुआयामी रणनीति के माध्यम से ग्रामीण भारत का टिकाऊ और समावेशी विकास करना है।
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