केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आज दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति पर समीक्षा बैठक की। केंद्रीय मंत्री ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अपने मंत्रालय के अन्य अधिकारियों के साथ वायु प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा की। पत्रकारों से बात करते हुए अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि वायु प्रदूषण के स्तर पर सर्वोच्च न्यायालय की चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत का यह कहना सही है कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पराली जलाना बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के संबंध में पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं और वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण-IV के अनुसार 8-सूत्रीय कार्य योजना पहले से ही पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू है।
इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम को लगभग 400 दर्ज किया गया जो बहुत खराब श्रेणी में है। 201 और 300 के बीच एक्यूआई को खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
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