Categories: News-Headlines

केंद्रीय पूल में देश की आवश्यकता को पूरा करने के लिए खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है: केंद्र सरकार

केंद्रीय पूल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-एनएफएसए और भारत सरकार की अन्य योजनाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना-पीएमजीकेएवाई की अतिरिक्त आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। 1 अक्टूबर, 2022 तक लगभग 227 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 205 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है, जो बफर स्टॉक के मानकों से कहीं ज्यादा है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के सातवें चरण के तहत स्टॉक की आवश्यकता को पूरा करने के बाद भी 1 अप्रैल, 2023 को केंद्रीय पूल में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा, जो बफर मानकों से अधिक और ऊपर है। ऐसा अनुमान लगाया गया है कि 1 अप्रैल, 2023 तक सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद केंद्रीय पूल में लगभग 113 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 237 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध होगा, जबकि इस दौरान बफर आवश्यकता 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 136 लाख मीट्रिक टन चावल की होगी।

वर्तमान खरीफ विपणन सत्र 2022-23 के लिए धान की खरीद शुरू हो चुकी है। दिनांक 16.10.2022 तक लगभग 58 लाख मीट्रिक टन धान (चावल के मामले में 39 लाख मीट्रिक टन) की खरीद हुई है, जो कि खरीफ विपणन सत्र 2021-22 में की इसी अवधि के दौरान हुई खरीद की तुलना में अधिक है। इस वर्ष देश में मॉनसून की स्थिति काफी अच्छी रही है और धान का उत्पादन सामान्य रहने की उम्मीद है।

वर्तमान खरीफ विपणन सत्र 2022-23 में खरीफ फसल के लिए 771 लाख मीट्रिक टन धान (चावल के मामले में 518 लाख मीट्रिक टन) की खरीद का अनुमान लगाया गया है। रबी की धान को शामिल करने से पूरे खरीफ विपणन सत्र 2022-23 के दौरान लगभग 900 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद होने की उम्मीद है।

गेहूं की खरीद अप्रैल 2023 से शुरू होगी। देश में हुई अच्छी बारिश की स्थिति के कारण अगले रबी सत्र में गेहूं का उत्पादन और खरीद सामान्य रहने की आशा है।

भारत सरकार ने “पोषक अनाज” कहे जाने वाले मोटे अनाज के उच्च पोषण गुणों को ध्यान में रखते हुए खरीफ विपणन सत्र 2022-23 के दौरान 13.72 लाख मीट्रिक टन की खरीद करने की योजना बनाई है, जबकि केंद्रीय पूल के तहत खरीफ विपणन सत्र 2021-22 के दौरान 6.30 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी।

कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुए आर्थिक व्यवधान के कारण गरीबों को होने वाली कठिनाई को दूर करने के लिए भारत सरकार ने उनके लिए कई पहल की हैं और मौजूदा पीडीएस तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया है। 3.91 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित वित्तीय परिव्यय के साथ पीएमजीकेएवाई के तहत कुल 1121 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया गया है। निर्यात के नियमन के साथ खाद्यान्नों की इतनी बड़ी उपलब्धता ने यह सुनिश्चित किया है कि इन वस्तुओं के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों की तुलना में घरेलू कीमत काफी हद तक स्थिर बनी हुई है।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

17 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

20 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

21 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

21 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.