केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज यहां भविष्य के आयुष पेशेवरों के लिए मानव संसाधन विकास के लिए अपनी तरह के पहले केंद्र ‘आयुष दीक्षा’ की आधारशिला रखी। यह अत्याधुनिक केंद्र केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर के परिसर में विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में आयुष अभियान को काफी प्रसिद्धि मिली है और हम एक एकीकृत चिकित्सा दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहे हैं जहां आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ-साथ एक सशक्त आयुष चिकित्सा प्रणाली का भी उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज हम यहां आयुष दीक्षा केंद्र की यात्रा शुरू कर रहे हैं, यह केंद्र आयुष पेशेवरों को अपने कौशल को निखारने और देश के लोगों को विश्वस्तरीय रोगी देखभाल सेवाएं प्रदान करने में उनकी निपुणता को बढ़ाने में सहयोग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह केंद्र जबरदस्त आयुष अभियान और स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन अनुभव की दिशा में वैश्विक अभियान के प्रयास के लिए प्रेरक साबित होगा।
मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रेरक नेतृत्व में, आयुष अभियान ने पुनः अपनी ताकत हासिल कर ली है। हम जानते हैं कि कैसे योग ने स्वस्थ जीवन की दिशा में दुनिया में क्रांति ला दी है। भारत की अन्य पारंपरिक दवाओं को सक्षम और सशक्त बनाने के केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, हमें विश्वास है कि मोदीजी के स्वस्थ भारत के विजन को हासिल किया जाएगा। एकीकृत औषधीय दृष्टिकोण देश के लोगों को लिए वरदान साबित होगा क्योंकि वे अपनी बीमारियों को ठीक करने के साथ-साथ अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर अपने जीवन की गुणवत्ता को समृद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
यह संस्थान आयुष पेशेवरों, विशेष रूप से आयुर्वेद से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराएगा, क्योंकि इसका उद्देश्य क्षमता विकास, मानव संसाधनों को मजबूत करने, अनुसंधान और विकास की सुविधा प्रदान करने, राजस्व उत्पन्न करने के उद्देश्य से आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग करना है। आयुष दीक्षा केंद्र 30 करोड़ के बजट से बनाया जा रहा है। यह दो सभागारों, सभी सुविधाओं के साथ 40 आधुनिक कमरे, वीआईपी के लिए सुइट्स, एक पुस्तकालय के लिए समर्पित स्थान, चर्चा कक्ष, मॉड्यूलर किचन, डाइनिंग लाउंज सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
इस कार्यक्रम में भुवनेश्वर की सांसद (लोकसभा) अपराजिता सारंगी, सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रोफेसर वैद्य रबिनारायण आचार्य और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, छात्र और आयुष पेशेवर भी उपस्थित थे। भुवनेश्वर का सीएआरआई, केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के तहत एक स्वायत्त निकाय है। यह महत्वपूर्ण पहल वैज्ञानिक तर्ज पर आयुर्वेद में अनुसंधान को बढ़ावा देने और आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
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