केंद्रीय आयुष और बंदरगाह, नौवहन व जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज नवी मुंबई के खारघर में एक आयुष भवन परिसर का उद्घाटन किया। इस नए भवन में केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के अंतर्गत क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान (आरआरआईएच) और केंद्रीय यूनानी चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम) के अंतर्गत क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आरआरआईयूएम) स्थित होंगे।
1999.82 वर्ग मीटर के क्षेत्र में निर्मित, इस तीन मंजिला भवन परिसर में चिकित्सा के साथ-साथ अनुसंधान सुविधाएं भी हैं। ये संस्थान यहां बाल चिकित्सा, जराचिकित्सा और सामान्य आबादी के लिए ओपीडी परामर्श, दवाएं, नियमित रुधिरविज्ञान और बायोकैमेस्ट्री के लिए लैब जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे। यहां होम्योपैथी और यूनानी के अलग-अलग प्रभारी होंगे।
इस अवसर पर सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां कई सदियों से मानव जीवन को समृद्ध करने में अपना असर साबित करती आ रही हैं। उन्होंने कहा, “आधुनिक चिकित्सा के साथ पारंपरिक और गैर-पारंपरिक प्रणालियों के लाभों को शामिल करने के विचार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोत्साहित किया है।” उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय ने क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान को एलर्जी विकारों के लिए होम्योपैथी संस्थान के रूप में विकसित करने और यूनानी चिकित्सा के क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान को इलाज-बित-तदबीर यानी रेजिमेंटल थेरेपी के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “इस नए इन्फ्रास्ट्रक्चर के उद्घाटन के साथ आयुष मंत्रालय भारतीय पारंपरिक औषधीय प्रथाओं के प्रचार और प्रयोग को प्रोत्साहित करने के अपने उद्देश्य के एक कदम और करीब पहुंच गया है।” उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मुंबई और महाराष्ट्र के लोग इन संस्थानों से बड़े पैमाने पर लाभान्वित होंगे।”
आयुष मंत्री ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारत में 22 करोड़ से ज्यादा लोगों ने योग किया। उन्होंने कहा “योग शब्द का अर्थ है ‘जोड़ना’ और प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने का काम किया है।”
आयुष मंत्रालय में होम्योपैथी सलाहकार डॉ. संगीता ए. दुग्गल, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिल खुराना और दिल्ली सरकार में आयुष निदेशक डॉ. राज के. मनचंदा और कई अन्य गणमान्य लोग इस अवसर पर मौजूद थे।
होम्योपैथी क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान (आरआरआईएच), नवी मुंबई और यूनानी चिकित्सा क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान (आरआरआईयूएम), नवी मुंबई दोनों क्रमशः केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) और केंद्रीय यूनानी चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम) के तत्वावधान में काम कर रहे परिधीय संस्थान हैं, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा शासित हैं। शुरुआत में क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान (आरआरआईएच) को वर्ष 1979 में एक नैदानिक अनुसंधान इकाई के रूप में स्थापित किया गया था और 1987 में मुंबई में क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान में अपग्रेड किया गया। ये संस्थान नवी मुंबई क्षेत्र में 2010 से किराए के आवास में काम कर रहा है।
क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आरआरआईयूएम) शुरू में एक नैदानिक अनुसंधान इकाई (यूनानी) के रूप में काम कर रहा था, जिसे 1981 में स्थापित किया गया था। उसके बाद इसे 1986 में आरआरआईयूएम में अपग्रेड किया गया और तब से ये सर जे. जे. अस्पताल परिसर, भायखला में कार्य कर रहा है।
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