विधि मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। अदालतों में इस समय लगभग पांच करोड़ मामले लंबित हैं। राज्यसभा में कल प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में विधि मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी के कारण विचाराधीन मामलों में वृद्धि हो रही है।
सरकार की तरफ से पूरी ताकत, पूरी योजना के तहत हम पेंडेंसी को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस वक्त वैकेंसी को भरने के लिए सरकार के पास बहुत सीमित अधिकार हैं, जो कोलेजियम नाम तय करके यहां भेजते हैं उसके अलावा सरकार के पास कोई अधिकार नहीं है कि जजों का अप्वाइंटमेंट के लिए नए नाम ढुंढ़े। हम बार-बार चीफ जस्टिस हाईकोर्ट के और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जसटिस को हम निजी तौर पर भी कहते हैं और लिखित तौर पर भी हमने कहा है कि जजेज का जो वैकेंसी है उसको भरने के तुरंत नाम भेजा जाए।
सरकार ने कहा है कि न्याय विभाग, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के पीड़ितों को तुरंत न्याय दिलाने के लिए अक्टूबर 2019 से एक हजार तेईस फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की स्थापना के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना लागू कर रहा है। विधि और न्याय मंत्री किरेन रीजीजू ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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