ऑस्ट्रेलिया में आम चुनाव के लिए शनिवार को मतदान संपन्न हो गया और मतगणना शुरू हो गयी है, जिसमें कंजर्वेटिव और लेबर पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है।
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का कंजर्वेटिव गठबंधन अगर चुनाव जीतता है कि तो वह चौथी बार सत्ता में आएगा। हालांकि इन चुनावों में विपक्षी नेता एंथनी अल्बानीस की मध्य-वाम लेबर पार्टी के विजयी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन मॉरिसन ने 2019 में भी चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को धता बताते हुए मामूली अंतर से जीत हासिल की थी।
दोनों नेताओं ने अपने गृहनगर सिडनी में मतदान करने से पहले शनिवार सुबह मेलबर्न में चुनाव प्रचार किया।
एक संघीय न्यायाधीश ने मेलबर्न में मतदान केंद्रों के समीप हरे रंग के विज्ञापनों को हटाने का आदेश दिया, जिसमें मतदाताओं से ‘‘लेबर पार्टी को आखिर में रखने’’ का अनुरोध किया गया था।
अल्बानीस ने सिडनी के मैरिकविले टाउन हॉल में मतदान किया। वह अपनी साथी जोडी हेडन, 21 साल के बेटे नाथन अल्बानीस और अपने पालतू कुत्ते के साथ मतदान केंद्र गए थे।
अल्बानीस ने कहा, ‘‘मैं बहुत सकारात्मक हूं और आज रात अच्छे नतीजे आने की उम्मीद है।’’
मॉरिसन अपनी पत्नी जेनी के साथ दक्षिणी सिडनी में लिली पिली पब्लिक स्कूल में मतदान करने पहुंचे। बाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई समुद्री क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रही शरणार्थियों से भरी नौका को रोके जाने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि इसलिए मतदाताओं को उनकी सरकार को पुन: निर्वाचित करना चाहिए।
ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल ने एक बयान में कहा कि ऐसी आशंका है कि श्रीलंका से आयी यह नौका ऑस्ट्रेलिया में गैरकानूनी रूप से घुसने की कोशिश कर रही थी।
मॉरिसन ने दलील दी कि लेबर पार्टी शरणार्थियों को रोकने में नाकाम होगी।
देश के पूर्वी तट पर स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे पहला मतदान केंद्र बंद हुआ। महामारी के कारण ऑस्ट्रेलिया के 1.7 करोड़ मतदाताओं में से 48 प्रतिशत से अधिक ने पहले ही मतदान कर दिया या डाक मतपत्रों के लिए आवेदन किया है।
वयस्क नागरिकों के लिए मतदान अनिवार्य है और पिछले चुनावों में 92 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने मतदान किया था।
यात्रा या काम की वजहों से मतदान दो हफ्ते पहले शुरू हुआ था और ऑस्ट्रेलियाई निर्वाचन आयोग दो और हफ्तों तक डाक मतपत्र जमा करता रहेगा।
सरकार ने हाल में कोविड-19 से संक्रमित लोगों के फोन पर मतदान करने के लिए शुक्रवार को नियमों में बदलाव किया।
ऑस्ट्रेलिया के निर्वाचन आयुक्त टॉम रोजर्स ने कहा कि योजना के अनुसार 7,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए और 15 प्रतिशत मतदान कर्मी कोरोना वायरस और फ्लू के कारण बीमार पड़ गए।
अल्बानीस ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि मॉरिसन गत सप्ताहांत चुनाव कराएंगे क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के मंगलवार को तोक्यो शिखर वार्ता में शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाग लेंगे।
लेबर पार्टी ने चुनाव जीतने पर बच्चों तथा बुजुर्गों की देखभाल पर अधिक खर्च करने का वादा किया है। उसने महामारी के कारण ऑस्ट्रेलिया का घाटा बढ़ने पर बेहतर आर्थिक प्रबंधन का वादा किया है।
वहीं, मॉरिसन ने कहा कि फिर से निर्वाचित होने पर उनकी सरकार करों में कमी लाएगी और साथ ही ब्याज दरों पर दबाव भी कम करेगी।
‘द ऑस्ट्रेलियन’ अखबार में शनिवार को प्रकाशित ‘न्यूजपोल’ में 53 प्रतिशत मतदाताओं के समर्थन के साथ लेबर पार्टी को आगे दिखाया गया है।
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