सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वयो नमन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने वरिष्ठ नागरिकों को वयोश्रेष्ठ सम्मान-2021 प्रदान किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा बुजुर्गों के लिए प्रत्येक वर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाता जाता है।
इस अवसर पर एक एल्डर्ली लाइन- 14567 राष्ट्र को समर्पित करने के अलावा, एम. वेंकैया नायडू ने इस अवसर पर दो पोर्टल – सेज (सीनियरकेयर एजिंग ग्रोथ इंजन) और सेक्रेड (सीनियर एबल सिटिजन्स फॉर री एम्प्लॉयमेंट इन डिग्निटी) का भी शुभारंभ किया। जहां पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा डिजाइन किया गया सेज पोर्टल का उद्देश्य बुजुर्गों की देखभाल करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है, वहीं सेक्रेड पोर्टल वरिष्ठ नागरिकों को निजी क्षेत्र में नौकरी प्रदाताओं से जोड़ने का काम करेगा। उपराष्ट्रपति ने मंत्रालय द्वारा इस दिशा में समय पर किए गए हस्तक्षेप के लिए इन पोर्टलों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने बुजुर्गों के कल्याण के लिए तीन बड़ी पहलों की शुरूआत करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सराहना की। उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा, “बड़ों के लिए सम्मानजनक और आरामदायक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में आपके द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयास निश्चित रूप से प्रशंसनीय हैं।“
बुजुर्गों के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थानों और व्यक्तियों की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “वयोश्रेष्ठ सम्मान के रूप में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता प्रदान करना, उनके अच्छे प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रेरित करने का काम करेगा और दूसरों को रोल मॉडल के रूप में उनका अनुकरण करने के लिए एक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगा।”
उपराष्ट्रपति ने भारत के युवा स्टार्ट-अप्स से आग्रह किया कि वे बुजुर्गों के सामने उत्पन्न होने वाली रोजमर्रा की समस्याओं के लिए अभिनव और आउट-ऑफ-बॉक्स समाधान लेकर आएं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का ख्याल रखना केवल सरकार की ही जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए बल्कि हम सभी लोगों को आगे बढ़कर इस नेक काम से जुड़ना चाहिए।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि वे हमारे वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धजन करने के बदले ‘वरिष्ठ’ कहना पसंद करेंगे। एलआइसी रिपोर्ट-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत से ज्यादा वरिष्ठ नागरिक सक्रिय हैं इसलिए उनके सुखी, स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर जीवन के लिए उन्हें लाभप्रद रोजगार का अवसर प्रदान करना बहुत ही आवश्यक है। इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि हमारे बुजुर्ग अनुभव और दक्षता के विशाल भंडार हैं, उन्होंने निजी क्षेत्र से आग्रह किया कि वे नए सेक्रेड पोर्टल के माध्यम से जुड़े और हमारे वरिष्ठ नागरिकों के कौशल और अनुभव का लाभ प्राप्त करें।
इस बात को ध्यान में रखते हुए कि हमारे वरिष्ठ नागरिक एक अत्यधिक असुरक्षित समूह में शामिल हैं, उपराष्ट्रपति ने उनकी सुरक्षा के लिए एक आसान और कुशल शिकायत निवारण तंत्र बनाने का आह्वान किया। इस संबंध में, उन्होंने एल्डर्ली लाइन – 14567 के शुभारंभ की सराहना की। टाटा ट्रस्ट के सहयोग से सरकार द्वारा शुरूकी गई यह हेल्पलाइन पूरे देश के वरिष्ठ नागरिकों के शिकायतों का समाधान करने के लिए दिन में 12 घंटे काम करेगी।
संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2021 की थीम का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने हमारे वरिष्ठ नागरिकों के बीच डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने युवाओं से इस संबंध में आगे बढ़ने और अपने परिवार एवं आस-पड़ोस के बुजुर्गों को डिजिटल उपकरणों का उपयोग के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में काफी लंबा रास्ता तय किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1 अक्टूबर, 1999 को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया था और तब से लेकर प्रत्येक वर्ष 1 अक्टूबर को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा बुजुर्गों के प्रति उनकी सेवा को मान्यता प्रदान करते हुए प्रख्यात वरिष्ठ नागरिकों और संस्थाओं को ‘राष्ट्रीय पुरस्कार-वयोश्रेष्ठ सम्मान’ प्रदान किया जाता है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए कि कोविड महामारी ने वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी लोगों को बुरी तरह से प्रभावित किया है, उपराष्ट्रपति नायडू ने नागरिक समाज और स्वयंसेवी संगठनों से बुजुर्गों के लिए एक सहायता प्रणाली के रूप में कार्य करने और सरकार और उसकी एजेंसियों के प्रयासों के लिए पूरक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “नागरिक समाज और स्वैच्छिक संगठन बुजुर्गों की समस्याओं पर जागरूकता उत्पन्न करने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं और अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकते हैं।“
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बुजुर्गों के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार और संसद, बुजुर्गों की देखभाल के लिए सही नीतिगत ढांचा तैयार करने के लिए आवश्यक पहल कर रही है। उन्होंने बुजुर्गों के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के प्रति समाज को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया और मीडिया और एनजीओ से इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए संवेदनशील अभियान चलाने की अपील की।
अपने संबोधन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, डॉ वीरेंद्र कुमार ने बुजुर्गों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न पहलों को सूचीबद्ध किया और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार बुजुर्गों की बढ़ती आबादी की देखभाल सुनिश्चित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है, जिससे बुजुर्ग आबादी की लगातार बढ़ रही संख्या का उनके परिवार और समाज द्वारा भी ठीक प्रकार से ख्याल रखा जा सके।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री, प्रतिमा भौमिक ने कहा कि इस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय पुरस्कार-वयोश्रेष्ठ सम्मान संस्था एक प्रमुख पहल है, जो विशिष्ट संस्थानों और व्यक्तियों को राष्ट्रीय मान्यता प्रदान करते हुए बुजुर्गों के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करती है, जिन्होंने वरिष्ठ नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों के क्षेत्र में अपने जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त की हैं औरअनुकरणीय सेवाएं प्रदान की हैं।
इस अवसर पर राम दास अठावले, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ए. नारायणस्वामी, सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, उपमा श्रीवास्तव, अपर सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, वयोश्रेष्ठ सम्मान के विशिष्ट पुरस्कार विजेता और अन्य लोग उपस्थित हुए।
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