उत्तराखंड के जोशीमठ शहर में भूस्खलन के बाद बचाव अभियान जोरों पर है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि 561 इमारतों में दरारें देखने के बाद 38 परिवारों को दूसरे स्थानों पर भेज दिया गया है। प्रभावित लोगों को रैन बसेरों में भी भेजा जा रहा है।
आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि किसी अज्ञात स्थान से पानी रिस रहा है जिससे डूबने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में कड़े नियमों का पालन किये जाने की जरूरत है। गढ़वाल के मंडलायुक्त सुशील कुमार ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। भूस्खलन की चपेट में आए होटलों में पर्यटकों के ठहरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली ज़िले के जोशीमठ में भूस्खलन और मकानों में दरार के संबंध में राज्य सचिवालय में शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
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