असम सरकार के सहयोग से प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा आयोजित ई-गवर्नेंस विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन आज गुवाहाटी में प्रारंभ हुआ। असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
इस उद्घाटन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के शासन सुधारों ने पूर्वोत्तर को मुख्यधारा में लाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास के लिए इस सरकार द्वारा शानदार निर्णय लिए गए, जो इस क्षेत्र के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर को आज मोदी के विकास मॉडल के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
मंत्री महोदय ने कहा कि केंद्र सरकार ने शासन को सहज बनाने और सेवाओं की डिलीवरी में आसानी के लिए सुधार किए थे। उन्होंने कहा- ‘प्रधानमंत्री पुरस्कार शुरू किए गए। अग्रणी योजनाओं के आधार पर एक उद्देश्यपूर्ण मानदंड बनाया गया। विचार यह था कि सभी जिलों को प्रतिस्पर्धा करने दिया जाए। परिणामस्वरूप, अब हमारे पास 750 से अधिक जिलों की भागीदारी है और हमें पूर्वोत्तर से कुछ सर्वश्रेष्ठ उत्कृष्टता पुरस्कार मिले हैं।
मंत्री महोदय ने कहा कि मुख्यधारा में लाना विचारों के स्तर और सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा- ‘हमने स्वच्छता अभियान शुरू किया और केवल कचरा बेचकर 1162 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह पहल पूरे देश में सकारात्मक बदलाव लाती है।
डॉक्टर सिंह ने केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली की भी चर्चा की। उन्होंने कहा- “यह न केवल नागरिकों को शामिल करने का एक साधन है, बल्कि पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का एक साधन है।” उन्होंने कहा कि सिविल सेवा दिवस, सुशासन सूचकांक, क्षेत्रीय सम्मेलनों जैसी पहलों ने पूर्वोत्तर में बड़े पैमाने पर पहुंच बनाई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि ई-गवर्नेंस पर क्षेत्रीय सम्मेलन ज्ञान और प्रथाओं को स्थानांतरित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है जो पारस्परिक रूप से लाभकारी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार नागरिकों को बेहतर सुशासन प्रदान करने के लिए आईटी और नए युग की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में कई कदम उठा रही है।
डॉ. सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को पूरा करने के लिए, जिसमें विजन 2047 की दिशा में काम करने की आवश्यकता है, जिसमें तकनीकी वृद्धि और अधिकतम समाधान तैयार करने के प्रमुख भाग शामिल हैं, हमारा फोकस उनके करियर के प्रारंभिक वर्षों में अधिकारियों की क्षमताओं को विकसित करने पर होगा, ताकि उनके पास अगले 25 वर्षों के अमृत काल के दौरान एक शानदार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान करने के लिए लगभग 20-25 साल हों।
उद्घाटन सत्र को असम सरकार के मुख्य सचिव पबन कुमार बोरठाकुर और डीएआरपीजी के सचिव वी श्रीनिवास ने भी संबोधित किया। सत्र के दौरान, 25 क्षेत्रीय सम्मेलनों की यात्रा पर एक पुस्तिका और ई-गवर्नेंस पहल पर ई-जर्नल एमजीएमजी (जुलाई-दिसंबर, 2023 संस्करण) का विमोचन किया गया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य स्तर के लोक प्रशासन संगठनों को एक मंच पर लाना है ताकि लोक प्रशासन में नवाचारों, जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए भविष्य के सार्वजनिक समाधान को बदला जा सके, गुड गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस, डिजिटल गवर्नेंस आदि में अनुभव साझा किये जा सकें। दो दिवसीय इस सम्मेलन में राज्यों के प्रतिनिधियों/डीएम/डीसी को प्रधानमंत्री पुरस्कृत पहलों/ई-गवर्नेंस पुरस्कृत पहलों/राज्यों के चुनिंदा सुशासन पद्धतियों पर प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
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