25 जून 2015 को लॉन्च किए गए स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य ‘स्मार्ट सॉल्यूशन्स’ के माध्यम से अपने नागरिकों को मुख्य बुनियादी ढांचा, स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण और सम्मानित जीवन की गुणवत्ता प्रदान करना है। यह एक परिवर्तनकारी मिशन है जिसका उद्देश्य देश में शहरी विकास की प्रथा में आदर्श बदलाव लाना है। एससीएम के तहत कुल प्रस्तावित परियोजनाओं में से, ₹1,10,635 करोड़ की 6,041 (76प्रतिशत) परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और ₹60,095 करोड़ की शेष 1,894 परियोजनाएं 30 जून 2024 तक पूरी हो जाएंगी।
मिशन में हासिल किया गया सबसे उल्लेखनीय कीर्तिमान इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) है जो सभी 100 स्मार्ट शहरों में चल रहा है। ये आईसीसीसी शहरी प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए, शहर के संचालन के लिए बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। अपराध पर नज़र रखने, नागरिकों की सुरक्षा, परिवहन प्रबंधन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट, जल आपूर्ति, आपदा प्रबंधन आदि विभिन्न क्षेत्रों में शहरी सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
100 स्मार्ट शहरों ने मोबिलिटी, ऊर्जा, जल, स्वच्छता, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वाइब्रेंट सार्वजनिक स्थान, सामाजिक बुनियादी ढांचे और स्मार्ट प्रशासन आदि से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाएं शुरू की हैं। उदाहरण के लिए, स्मार्ट गतिशीलता में, ₹24,047 करोड़ मूल्य की 1,174 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और ₹15,940 करोड़ की अन्य 434 परियोजनाएं भी चल रही हैं। स्मार्ट ऊर्जा में, 573 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 94 चल रही हैं। जल आपूर्ति, सफाई और स्वच्छता (डब्ल्यूएएसएच) में, ₹34,751 करोड़ की 1,162 से अधिक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और ₹18,716 करोड़ की अन्य 333 परियोजनाएं चल रही हैं। 100 स्मार्ट शहर पहले ही ₹6,403 करोड़ की लागत से 1,063 से अधिक सार्वजनिक स्थान विकसित कर चुके हैं और ₹5,470 करोड़ की अन्य 260 परियोजनाएं चल रही हैं। इसके अलावा, ₹8,228 करोड़ की 180 सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और अन्य 27 चल रही हैं। बाजार पुनर्विकास और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन केंद्रों जैसे आर्थिक बुनियादी ढांचे से संबंधित 652 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और अन्य 267 परियोजनाएं चल रही हैं। सामाजिक बुनियादी ढांचा क्षेत्र (स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास आदि) में, 679 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 153 चल रही हैं।
इंडिया स्मार्ट सिटीज़ अवार्ड प्रतियोगिता (आईएसएसी) का आयोजन भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के स्मार्ट सिटीज़ मिशन के तहत किया जाता है। यह मिशन के तहत शुरू की गई महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक है, जहां अनुकरणीय प्रदर्शन को पुरस्कृत करने, अपने समकक्ष से सीखने को सक्षम करने और सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रसार करने के लिए अग्रणी शहर रणनीतियों, परियोजनाओं और विचारों को मान्यता दी जाती है। आईएसएसी उन शहरों, परियोजनाओं और नवीन विचारों को मान्यता देता है और पुरस्कृत करता है जो 100 स्मार्ट शहरों में सतत विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, साथ ही समावेशी, न्यायसंगत, सुरक्षित, स्वस्थ और सहयोगी शहरों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे सभी के लिए जीवन की गुणवत्ता बढ़ रही है।
अतीत में, आईएसएसी ने 2018, 2019 और 2020 में तीन संस्करण देखे हैं। आईएसएसी का चौथा संस्करण अप्रैल 2022 में सूरत में ‘स्मार्ट सिटीज़-स्मार्ट शहरीकरण’ कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया था। आईएसएसी 2022 पुरस्कार में दो चरण की प्रस्तुति प्रक्रिया थी जिसमें ‘योग्यता चरण’ शामिल था, जिसमें शहर के प्रदर्शन का समग्र मूल्यांकन शामिल था, और ‘प्रस्ताव चरण’ जिसमें स्मार्ट शहरों को छह पुरस्कार श्रेणियों के लिए अपने नामांकन जमा करने की आवश्यकता थी:
परियोजना पुरस्कार: 10 अलग-अलग थीम,
इनोवेशन पुरस्कार: 2 अलग-अलग थीम,
राष्ट्रीय/क्षेत्रीय शहर पुरस्कार,
राज्य पुरस्कार,
यूटी पुरस्कार, और
पार्टनर्स पुरस्कार, 3 अलग-अलग थीम
आईएसएसी 2022 के लिए 80 योग्य स्मार्ट शहरों से कुल 845 नामांकन प्राप्त हुए थे। इन प्रविष्टियों का मूल्यांकन 5 चरणों में किया गया। पहले चरण में 845 प्रस्तावों की प्री-स्क्रीनिंग की गई। 50 प्रतिशत (423 प्रस्ताव) अगले चरण में चले गए। दूसरे चरण में, प्रत्येक पुरस्कार श्रेणी के लिए शीर्ष 12 प्रस्तावों की पहचान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए) की जूरी द्वारा की गई। तीसरे चरण में, प्रत्येक प्रस्ताव प्रस्तावक ने विषय विशेषज्ञों के एक पैनल के सामने एक प्रस्तुति दी, जिससे शीर्ष 6 प्रस्तावों का चयन हुआ। अंत में, चौथे चरण में, शीर्ष 6 प्रस्तावों ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशकों की अध्यक्षता वाली जूरी के सामने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें विषय विशेषज्ञ भी शामिल थे। इस चौथे चरण के बाद, स्मार्ट सिटीज मिशन की शीर्ष समिति द्वारा प्रत्येक पुरस्कार श्रेणी के लिए शीर्ष 3 प्रस्तावों की पहचान की गई है। पांच पुरस्कार श्रेणियों के तहत प्राप्त कुल 845 आवेदनों में से, 66 अंतिम विजेता चुने गए- प्रोजेक्ट अवार्ड में 35, इनोवेशन अवार्ड में 6, नेशनल/जोनल सिटी अवार्ड में 13, राज्य/यूटी अवार्ड में 5 और पार्टनर अवार्ड श्रेणियों में 7 विजेता चुने गए। 66 विजेताओं की अंतिम सूची अनुलग्नक I में उपलब्ध है।
भारत की माननीय राष्ट्रपति 27 सितंबर 2023 को इंदौर, मध्य प्रदेश में आईएसएसी 2022 पुरस्कारों के विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment