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आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना ने अपनी शुरुआत के बाद से 1.15 करोड़ से अधिक एमएसएमई और व्यवसायों को राहत दी

आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) ने अपनी शुरुआत के बाद से 1.15 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और व्यवसायों को राहत दी है। इसने पात्र ऋणधारकों को उनकी परिचालन संबंधी देनदारियों को पूरा करने और कोविड-19 महामारी के कारण होने वाले व्यवधानों के मद्देनजर अपने व्यवसायों को फिर से शुरू करने में सहायता प्रदान की है।

24 सितम्‍बर, 2021 तक, योजना के तहत 2.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं और जारी की गई कुल गारंटियों में से लगभग 95 प्रतिशत गारंटियां सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को स्वीकृत ऋणों के लिए हैं।

सरकार को विभिन्न उद्योग संस्‍थाओं और अन्य हितधारकों की ओर से पात्र क्षेत्रों/व्यवसायों को निरंतर समर्थन सुनिश्चित करने के लिए योजना का विस्तार करने की मांग प्राप्त होती रही है। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से प्रभावित विभिन्न व्यवसायों का समर्थन करने के उद्देश्‍य से, आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की समय-सीमा को 31.03.2022 तक अथवा योजना के तहत 4.5 लाख करोड़ रुपये की गारंटियां जारी होने तक, जो भी पहले हो, बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, योजना के तहत संवितरण की अंतिम तिथि भी 30.06.2022 तक बढ़ा दी गई है।

कोविड की दूसरी लहर से प्रभावित व्यवसायों को सहायता प्रदान करने के लिए योजना में निम्नलिखित संशोधन किए गए हैं।

ईसीएलजीएस 1.0 और 2.0 के तहत मौजूदा ऋणधारक 29.02.2020 अथवा 31.03.2021 के अनुसार कुल बकाया ऋण, जो भी अधिक हो, के अधिकतम 10 प्रतिशत तक अतिरिक्‍त ऋण सहायता के लिए पात्र होंगे।
जिन व्यवसायों ने ईसीएलजीएस (ईसीएलजीएस 1.0 या 2.0) के तहत सहायता प्राप्त नहीं की है, वे 31.03.2021 तक अपने बकाया ऋण के अधिकतम 30 प्रतिशत तक की ऋण सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
ईसीएलजीएस 3.0 के तहत निर्दिष्ट क्षेत्रों के व्यवसाय, जिसने पहले ईसीएलजीएस का लाभ नहीं उठाया है, वे 31.03.2021 तक अपने बकाया ऋण के 40 प्रतिशत तक, प्रति ऋणधारक अधिकतम 200 करोड़ रुपये तक की ऋण सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
मौजूदा ईसीएलजीएस ऋणधारकों द्वारा वृद्धिशील ऋण प्राप्‍त किया जा सकता है, जिनकी पात्रता कट ऑफ तिथि 29.02.2020 से बदलकर 31.03.2021 होने के कारण बढ़ी है।
तदनुसार, जिन ऋणधारकों ने ईसीएलजीएस के तहत सहायता प्राप्त की है और जिनका 31.03.2021 तक बकाया (ईसीएलजीएस के तहत समर्थन को छोड़कर) 29.02.2020 से अधिक है, वे ईसीएलजीएस 1.0, 2.0 या 3.0 के तहत निर्धारित सीमा के भीतर वृद्धिशील समर्थन के लिए पात्र होंगे।

पेश किए गए संशोधन से यह सुनिश्चित होगा कि कोविड-2019 की दूसरी लहर से प्रतिकूल रूप से प्रभावित व्यवसायों को संपार्श्विक मुक्त तरलता में वृद्धि हो। इसके अलावा यह व्यस्त/त्योहारों के मौसम में सभी ईसीएलजीएस ऋणधारकों (जिसमें मुख्य रूप से एमएसएमई इकाइयां शामिल हैं) को बहुत आवश्यक सहायता प्रदान करता है।

इस संबंध में संशोधित परिचालन दिशा-निर्देश नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा अलग से जारी किए जा रहे हैं।

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