इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) 1 अक्टूबर, 2021 को अपना 5वां वार्षिक दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष डॉ. बिबेक देबरॉय इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और “फ्रॉम नो एग्जिट टू इजी एक्जिट-ए केस स्टडी ऑफ आईबीसी” पर वार्षिक दिवस व्याख्यान देंगे। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में सचिव श्री राजेश वर्मा, वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस कार्यक्रम के उपलक्ष्य में एक वार्षिक प्रकाशन, क्विन्क्वेनीअल ऑफ “इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016”, माई स्टैम्प ऑन आईबीसी 2016 और आईबीसी की 5 वर्षों की मुख्य यात्रा को दर्शाने वाली एक ई-बुक भी जारी की जाएगी। इस अवसर पर इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 के बारे में आयोजित दूसरी राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी के स्वर्ण पुरस्कार विजेता को सम्मानित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम स्टीन ऑडिटोरियम’, हैबिटेट वर्ल्ड, इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली- 110003 में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम वेब कास्ट लाइव होगा और सभी हितकारकों के लिए ऑनलाइन सुलभ होगा। इस वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल होने के लिए https://ibbi.gov.in/annualday2021 लिंक पर क्लिक करें।
भारत ने ऐतिहासिक इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी, 2016 (कोड) लागू करके अपनी इन्सॉल्वेंसी व्यवस्था को बदल दिया है। इस कोड का उद्देश्य कारपोरेट व्यक्तियों, साझीदार फर्मों और व्यक्तियों के पुनर्गठन और इन्सॉल्वेंसी (दिवाला) का समयबद्ध रूप से समाधान करना है ताकि उद्यमिता को बढ़ावा देने, ऋण की उपलब्धता तथा सभी हितधारकों के हितों को संतुलित करने के लिए परिसंपत्ति के मूल्य को अधिकतम किया जा सके।
संचालन के पांच वर्षों में संहिता (कोड) के तहत दिवाला व्यवस्था में अब एक मजबूत सिस्टम हो गया है। 15 शहरों में निर्णायक प्राधिकरण की उपस्थिति से इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई), 3,670 इन्सॉल्वेंसी पेशेवरों (आईपी) तीन इनसॉल्वेंसी व्यावसायिक एजेंसियां (आईपीए), 84 इन्सॉल्वेंसी पेशेवर संस्थाएं (आईपीई) और एक सूचना उपयोगिता (आईयू) स्थापित हो गई हैं। बहुत बड़े एनपीए वाले कॉरपोरेट सहित लगभग 4,541 कॉरपोरेट्स को कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया (सीआईआरपी) में शामिल किया गया है। लगभग 1,745 सीआईआरपी ने या तो समाधान योजनाएं प्रस्तुत करने या लिक्विडेशन के साथ समाप्त होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। 653 प्रक्रियाओं को अपील या समीक्षा या समाधान के बाद बंद कर दिया गया है और 461 प्रक्रियाओं को वापस ले लिया गया है। अन्य 968 फर्मों ने स्वैच्छिक लिक्विडेशन शुरू कर दिया है। सरकार सुधार के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।
कोड ने 28 मई, 2021 को अपनी स्थापना के पांच साल पूरे कर लिए हैं। पांच वर्षों की अपनी शुरुआती यात्रा में यह हितधारकों द्वारा, हितधारकों का, हितधारकों के लिए सुधार बन गया है। कोड के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार ईको सिस्टम का प्रमुख स्तंभ आईबीबीआई है, जिस की स्थापना 1 अक्टूबर, 2016 को स्थापित किया गया था। यह आईपी, आईपीई, आईपीए और आईयू पर नियामक निगरानी है। यह कोड के तहत कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी समाधान, कॉर्पोरेट लिक्विडेशन, व्यक्तिगत इन्सॉल्वेंसी समाधान और व्यक्तिगत दिवालियापन जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं को तैयार करने के लिए अधिकार प्राप्त है। यह कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत मूल्यांकनकर्ताओं के पेशे को विनियमित करने के लिए एक ‘प्राधिकरण’ भी है। देश में 4,172 पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता और 16 पंजीकृत मूल्यांकन संगठन हैं।
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