Categories: News-Headlines

आईआईएससी बंगलोर में स्थापित इंस्ट्रूमेंटेशन सुविधा बहुत कम सांद्रता वाली जहरीली धातुओं का सटीक पता लगा सकती है

आईआईएससी, बैंगलोर में स्थापित एक बहु-उपकरण आधारित सुविधा ≥100 पीपीएम से 10 पीपीटी (परिमाण के 9 क्रम) की सांद्रता सीमा में फैले धातुओं और मेटलॉयड की सांद्रता का आकलन कर सकती है। पानी के विश्लेषण की यह सुविधा प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाने, जहरीली धातुओं के प्रतिक्रियाशील-परिवहन मार्गों की मात्रा निर्धारित करने और उपचार की विधियों की दक्षता का आकलन करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

गुणवत्तापूर्ण पर्यावरणीय एवं भू-रासायनिक अनुसंधान के लिए प्राकृतिक पानी के नमूनों से वृहद, लघु और ट्रेस तत्व की सांद्रता के बिल्कुल सही और सटीक आकलन के लिएये सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं। यह बहु-उपयोगकर्ता वाली सुविधा देशभर के पर्यावरणीयएवं भू-रासायनिक शोधकर्ताओं के लिए विघटित धातुओं और मेटलॉइड्स के प्रकृति निर्धारण के लिए एक ओपन एक्सेस सेंटर के रूप में काम करेगी।

एक बहु-संस्थागत परियोजना के तहत भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बंगलोर में स्थापित यह सुविधा दो उपकरणों के संयोजन से लैस है, जो 100 पीपीएम से लेकर 10 पीपीटी (परिमाण के 9 क्रम) तक के धातुओं और मेटलॉयड की सांद्रता के बिल्कुल सही और सटीक आकलन की अनुमति देता है।

शहरी जल प्रणाली कार्यक्रम के तहत संस्थानों के एक समूह (आईआईटी बॉम्बे, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, अमृता विश्व विद्यापीठम, एवं आईआईएससी) को प्रदान की गई और आईआईटी खड़गपुर के नेतृत्व मेंविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा समर्थितयह परियोजना ‘फास्ट फॉरवर्ड टू एसजीडी6: एक्सेप्टबल एंड अफोर्डेबल वाटर इन र्सेकेंडरी इंडियन सिटीज (4वार्ड)’, श्रेणी–II के भारतीय शहरों द्वारा सामना किए जा रहे पानी की गुणवत्ता और मात्रा संबंधी चुनौतियों की पहचान करने और उनसे निपटने पर केन्द्रित है।

इस इंस्ट्रुमेंटेशन में कलिश़न रिएक्शन सेल (क्यूक्यूक्यू-आईसीपी-एमएस) के साथ जुड़े क्वाड्रुपोल इंडक्टिवली कपल प्लाज़्मा मास स्पेक्ट्रोमीटर और डुअल डिटेक्शन कैपबिलिटी (आईसीपी-ओईएस) के साथ एक इंडक्टिवली कपल प्लाज़्मा ऑप्टिकल एमिशन स्पेक्ट्रोमीटर का समावेश होता है।

इस विश्लेषणात्मक सुविधा में प्रमुख पर्यावरणीय जहरीले पदार्थों [जैसे क्रोमियम (Cr), आयरन (Fe), निकल (Ni), कॉपर (Cu),आर्सेनिक(As), सेलेनियम (Se), लेड (Pb)]का पता लगाने की सीमा 5 पीपीटी से कम है। हालांकि, आईसीपी-ओईएसपीपीएम के 100एस(mg/L) से लेकर 100 पीपीबी (µg/L) के स्तर के बीच सांद्रता का आकलन करने में कुशल है। मल्टीपलरिएक्शन और कलिश़न गैसों से लैस क्यूक्यूक्यू – आईसीपी – एमएस, 10 पीपीटी (ng/L) से कम की ओर नीचे जाते हुए सांद्रता के मान के छह क्रम में काम करने में कुशल है।

Leave a Comment

Recent Posts

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More

3 hours ago

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More

3 hours ago

JEE Advanced 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवारों के लिए रैंक, स्कोर और कटऑफ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई।

JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More

3 hours ago

This website uses cookies.