असम में बाढ़ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में कल पूरी रात तेज वर्षा के बाद कम से कम ग्यारह जिलों में बाढ़ के कारण करीब 34 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है और बृहस्पतिवार तक असम के कई जिलों में भीषण वर्षा का अनुमान जताया है।
असम के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं- कछार, दरांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, सोणितपुर और तिनसुकिया। वर्तमान में बाढ़ से 142 गांव जलमग्न हैं और समूचे राज्य में हजार 511 हेक्टेयर जमीन पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। भूटान ने कुरिच्चु नदी में जल विद्युत जलाशय संयंत्र से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के कारण असम के निचले भागों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने के आसार हैं।
सरकारी सूत्रों ने बताया है कि लखीमपुर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जिसमें 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। जिला प्रशासन तीन जिलों में 16 राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, इसके अलावा एक राहत शिविर भी चला रहा है। बाढ़ के पानी से कई जिलों में तटबंधों, सड़कों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और यातायात परिचालन भी बाधित है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल को बचाव और राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है।
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