असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि परिसीमन प्रक्रिया से राज्य के स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा होगी। मुख्यमंत्री ने आज गुवाहाटी में संवाददाताओं से कहा कि परिसीमन प्रक्रिया आंकड़ो पर आधारित गैर-राजनीतिक प्रक्रिया होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रक्रिया से आने वाले दिनों में असम के स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा हो सकती है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह प्रक्रिया भावनाओं पर नहीं बल्कि तर्क पर आधारित होनी चाहिए।
यू.एल.एफ.ए. के प्रमुख परेश बरूआ के साथ शांति वार्ता के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने नागरिक संगठनों से अनुरोध किया कि उन्हें यू.एल.एफ.ए. के नेता पर संप्रभुता का मुद्दा छोड़ने का दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संप्रभुता के मुद्दे पर बात नहीं कर सकती। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले साल एक हजार 729 उग्रवादियों ने हथियार डाले हैं।
इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने असम के मुख्य चुनाव अधिकारी को राज्य सरकार के सामने एक जनवरी 2023 से नई प्रशासनिक इकाईयों के सृजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का मुद्दा उठाने को कहा है। यह प्रतिबंध राज्य में परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगा।
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