केन्द्रीय संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। इस बैठक की मेजबानी ताजिकिस्तान ने 2021 में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान की। इस बैठक में सांस्कृतिक एवं मानवीय सहयोग के विकास, एससीओ के भीतर, खासकर महामारी के बाद की अवधि में, संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं और एससीओ के भीतर सांस्कृतिक सहयोग, जिसमें सदस्य देशों के बीच पारस्परिक समझ को मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं, के महत्व पर चर्चा हुई।
संस्कृति राज्यमंत्री ने इस बैठक में मौजूद प्रतिभागियों को संबोधित किया और एससीओ के भीतर सांस्कृतिक सहयोग के बारे में भारत के दृष्टिकोण को पेश किया। उन्होंने एक सदस्य देश के रूप में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के साथ भारत के जुड़ाव और संस्कृति के क्षेत्र में पारस्परिक समर्थन एवं सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने ‘साझा बौद्ध विरासत’ के बारे में ऑनलाइन प्रदर्शनी से जुड़ी भारत की पहल और भारत द्वारा आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों के परिषद् की बैठक, 2020 के मौके पर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों की आधिकारिक भाषाओं (रूसी और चीनी) में श्रेष्ठ भारतीय ग्रंथों के अनुवाद पूरा किए जाने का हवाला दिया।
उन्होंने अपने समकक्षों के साथ ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष से जुड़े उसत्वों को भी साझा किया और 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी पूरा करने के क्रम में भारत की आगे की यात्रा से जुड़ी परिकल्पना पेश की। उन्होंने साझा मूल्यों के आधार पर एससीओ के सदस्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया।
उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संस्कृति एवं कला से संबंधित व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े समझौतों के प्रस्तावों के लिए ताजिकिस्तान के प्रयासों की सराहना की।
इस बैठक में, एससीओ के सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संस्कृति एवं कला से संबंधित व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मसौदा समझौतों पर चर्चा की और उसपर सहमति व्यक्त की।
बैठक के अंत में, एससीओ के सदस्य देशों के कला महोत्सव से जुड़े भव्य कार्यक्रम के विनियमों पर सहमति हुई और उसपर एससीओ के सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल के सभी प्रमुखों द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद प्रोटोकॉल पर सहमति हुई और उसपर एससीओ के सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल के सभी प्रमुखों द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एक अंतर-सरकारी संगठन है और इसकी स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में की गई थी। वर्तमान में, एससीओ में आठ सदस्य देश (चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान) और चार पर्यवेक्षक देश (अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया) शामिल हैं।
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment