अफगानिस्तान में भूकंप के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर दो हजार चार सौ हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी और बचाव के प्रयास जारी हैं। माना जा रहा है कि भूकंप से ध्वस्त भवनों के मलबे में अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं।
अफगानिस्तान में शनिवार को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर छह दशमलव तीन मापी गई। यह दो दशकों में आए सबसे भीषण भूकंपों में से एक था। इसका केन्द्र पश्चिमी शहर हेरात से चालीस किलोमीटर दूर था। भूकंप के शक्तिशाली झटके कम से कम तीन बार महसूस किए गए, इस दौरान बहुत सी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई और बडी संख्या में लोग मलबे में दब गए।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि भूकंप से कम से कम चार सौ 65 मकान ध्वस्त हुए हैं। पिछले वर्ष जून में अफगानिस्तान के पाकतिका प्रान्त में पांच दशमलव नौ तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसमें कम से कम एक हजार लोगों की मृत्यु हुई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे। अफगानिस्तान को अक्सर भूकंप का सामना करना पडता है। विशेष रूप से हिन्दुकुश पर्वत श्रृंखला के क्षेत्र में हमेशा भूकंप आते रहते हैं, क्योंकि यह यूरेशियाई और भारतीय टेक्टोनिक परतों के संधि स्थल के नजदीक स्थित है।
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