अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 31 मार्च, 2023 तक कुल 5.20 करोड़ से अधिक नामांकन किए गए। वित्त वर्ष 2022-23 में 1.19 करोड़ से अधिक नए अंशदाताओं का नामांकन हुआ है, पिछले वित्तीय वर्ष में 99 लाख अंशदाताओं ने इस योजना में नामांकन किया था। इस प्रकार नामांकन में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है। अब तक अटल पेंशन योजना में प्रबंधन के अंतर्गत कुल परिसंपत्ति (एयूएम) 27,200 करोड़ रुपये से अधिक है। योजना के आरंभ होने के बाद अब तक इसने 8.69 प्रतिशत का निवेश लाभ अर्जित किया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की श्रेणी में, 9 बैंकों ने वार्षिक लक्ष्य अर्जित किया है, जबकि बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक की प्रति शाखा ने 100 अटल पेंशन योजना खाते खोले हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की श्रेणी के तहत 32 बैंकों ने वार्षिक लक्ष्य अर्जित किया है, जबकि झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, विदर्भ कोंकण ग्रामीण बैंक, त्रिपुरा ग्रामीण बैंक और बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने प्रत्येक शाखा में 160 से अधिक अटल पेंशन योजना खाते खोले हैं। तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक, धनलक्ष्मी बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने वित्त मंत्रालय द्वारा आवंटित वार्षिक लक्ष्य की उपलब्धि हासिल की है।
इसके अतिरिक्त 12 राज्यों – बिहार, झारखंड, असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और उत्तराखंड ने भी अपनी संबंधित राज्यस्तरीय बैंकर समिति (एसएलबीसी) की सहायता और समर्थन से अपने वार्षिक लक्ष्य अर्जित किए हैं।
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) और भारतीय ग्रामीण बैंक (आरआरबीएस) के साथ तालमेल से संपूर्ण भारत के विभिन्न स्थानों पर 47 अटल पेंशन योजना आउटरीच कार्यक्रम और टाउन हॉल बैठकें आयोजित कीं। आधार का प्रयोग करके कई डिजिटल ऑनबोर्डिंग सुविधाओं का शुभारंभ किया गया है। इनमें संशोधित अटल पेंशन योजना ऐप का शुभारंभ और अटल पेंशन योजना के लाभों के बारे में जागरूकता के लिए 17 पॉडकास्ट, अटल पेंशन योजना पर प्रारंभिक जानकारी के लिए चैटबॉट जैसी सुविधाएं शुरू करने की कई पहल भी की गई हैं।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत अंशदाता को 60 वर्ष की आयु से उसके योगदान के आधार पर आजीवन न्यूनतम गारंटीशुदा पेंशन 1,000 रूपये से 5,000 प्रतिमाह तक मिलेगी। यह राशि अटल पेंशन योजना में शामिल होने की आयु के आधार पर भिन्न-भिन्न होगी। अंशदाता की मृत्यु के पश्चात पति या पत्नी को समान पेंशन का भुगतान किया जाएगा। अंशदाता पति/पत्नी दोनों की मृत्यु पर 60 वर्ष की आयु तक संचित पेंशन राशि नामांकित व्यक्ति को दी जाएगी।
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) देश में अधिकाधिक संख्या में पेंशन प्रदान करने की दिशा में योगदान के लिए प्रतिबद्ध है और इसे हासिल करने के लिए लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
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