सामूहिक नवोन्मेषण के एक अभूतपूर्व प्रदर्शन में, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने आज ‘मेगा टिंकरिंग दिवस’ का आयोजन किया, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कूल-आधारित टिंकरिंग कार्यक्रम है, जिसमें सभी 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) के छात्र एकत्रित हुए।
देश भर के स्कूलों में वर्चुअल और एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम में 9,467 एटीएल सुसज्जित स्कूलों के 4,73,350 छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने अपनी प्रयोगशालाओं में उपलब्ध रोज़मर्रा की सामग्री का उपयोग करके एक वैक्यूम क्लीनर डिज़ाइन और निर्माण करने की एक व्यावहारिक परियोजना में भाग लिया। यह गतिविधि ऑनलाइन स्ट्रीम किए गए एक चरण-दर-चरण निर्देशात्मक सत्र द्वारा निर्देशित थी, जिससे छात्र वैज्ञानिक अवधारणाओं को सीख सकें और जहां भी हों, वास्तविक समय में सहयोग कर सकें।
भारत के सुदूर उत्तरी क्षेत्र जैसे लेह, लद्दाख और कारगिल, कश्मीर, विरुधुनगर जैसे आकांक्षी जिलों के सुदूर गांवों, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर क्षेत्रों, कन्याकुमारी जैसे दक्षिणी क्षेत्रों और भुज व कच्छ के सुदूर पश्चिमी क्षेत्रों के स्कूलों ने इसमें भाग लिया। एआईएम टीम भी इस कार्य में शामिल हुई और पूरे भारत के छात्रों के साथ मिलकर काम किया और एक वैक्यूम क्लीनर भी बनाया।
यह महत्वाकांक्षी पहल भारत के शिक्षा और नवोन्मेषण परिदृश्य में एक बड़ी उपलब्धि है, जो जमीनी स्तर पर रचनात्मकता और सहयोगात्मक शिक्षा की शक्ति को प्रदर्शित करती है।
इस अवसर पर नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला ने कहा, “प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन के अनुरूप, जहां नवोन्मेषण और युवा राष्ट्रीय रूपान्तरण की प्रेरक शक्तियों में से एक हैं, मेगा टिंकरिंग दिवस 2025 जमीनी स्तर पर नवोन्मेषण शक्ति की एक प्रमुख उपलब्धि का प्रदर्शन है। इस लाइव कार्यक्रम में, 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स रचनात्मकता के एक घंटे में एकत्रित हुए, जिसमें देशभर के हजारों छात्र एक साथ निर्माण, अध्ययन और नवोन्मेषण कर रहे थे। विश्व के किसी भी अन्य देश ने अपने स्कूल इकोसिस्टम के अंदर इस स्तर पर नवोन्मेषण को नहीं बढ़ाया है। यह भारत के लिए विश्व के समक्ष प्रदर्शित करने का क्षण है कि किस प्रकार युवा जब सशक्त होते हैं, तब न केवल हमारे देश के लिए, बल्कि विश्व के लिए समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं। आज हमारी कक्षाओं में भविष्य का निर्माण हो रहा है।’’
अपनी स्थापना के बाद से, एआईएम ने स्कूलों में 10,000 से ज़्यादा एटीएल स्थापित किए हैं जो छात्रों को थ्रीडी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, आईओटी डिवाइस आदि जैसे उपकरणों तक पहुंच प्रदान करते हैं। ये प्रयोगशालाएं मिडिल से लेकर हाई स्कूल के छात्रों को आधुनिक प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं और वास्तविक दुनिया की समस्याओं को सुलझाने के कौशल को बढ़ावा देती हैं।
मेगा टिंकरिंग दिवस केवल एक परियोजना-निर्माण सत्र नहीं था; यह एक राष्ट्रीय नवोन्मेषण आंदोलन की शुरुआत थी। यह आगामी शैक्षणिक वर्ष के टिंकरिंग कार्यकलापों के लिए एक लॉन्चपैड और पूरे भारत के छात्रों, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग भागीदारों के लिए एक उत्साहवर्धक क्षण था।
यह कार्यक्रम रचनात्मक विचारकों, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को विकसित करने के एआईएम के विजन को दर्शाता है, जो भारत को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं और यह साबित कर रहे हैं कि भविष्य का निर्माण यहीं, अभी, हमारी अगली पीढ़ी द्वारा किया जा रहा है।
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