केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); डॉ जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि 35 नए भूकंप मापी केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो दिसंबर 2021 से कार्य करना आरंभ कर देंगे। इन केन्द्रों को स्थापित करने का काम पहले से ही जारी है। लोकसभा में एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भूकंप मापक केंद्र नेटवर्क (एनएसएन) की संख्या दिसंबर 2021 तक बढ़कर 150 हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि आगामी 5 वर्षों में देश में 100 भूकंप मापक केंद्र स्थापित कर देश के राष्ट्रीय सीस्मोलॉजिकल नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा जिनकी क्षमता 2.5 मेग्नीट्यूड तक के भूकंप का पता लगाने की होगी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र देश और आसपास के भागों में भूकंप संबंधी अध्ययन और इसकी निगरानी के लिए भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली प्रमुख एजेंसी है। देशभर में इस समय राष्ट्रीय भूकंप मापक नेटवर्क की अंतर्गत एनएसएन की वर्तमान संख्या 115 है।
यह नेटवर्क अलग-अलग क्षेत्रों में अलग क्षमता के भूकंप की रिकॉर्डिंग करता है। दिल्ली और आसपास के भागों में 2.5 और उससे अधिक की तीव्रता के भूकंप, जबकि पूर्वोत्तर भारत में 3.0 मेग्नीट्यूड और उससे अधिक,प्रायद्वीपीय भारत में 3.5 मेग्नीट्यूड और उससे अधिक, अंडमान क्षेत्र में 4 मेग्नीट्यूड और उससे अधिक तथा सीमावर्ती भागों में 4.5 मेग्नीट्यूड और उससे अधिक के भूकंप की रिकॉर्डिंग करने में सक्षम है। नेटवर्क में रिक्त स्थानों को भरने और 3.0 मेग्नीट्यूड से नीचे के भूकंप की रिकॉर्डिंग के लिए यह नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
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