केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए कहा कि किसानों का कल्याण और ग्रामीण मांग को बढ़ाना अंतरिम बजट की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। किसानों को अपने ‘अन्नदाता’ बताते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि अन्नदाता के उत्पाद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में उचित रूप से समय-समय पर वृद्धि की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम-किसान सम्मान योजना के अंतर्गत हर वर्ष सीमांत और छोटे किसानों सहित 11.8 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जबकि पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत 4 करोड़ किसानों को फसल बीमा प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि अनेक दूसरे कार्यक्रमों के अलावा इन उपायों से ‘अन्नदाता’ को देश और पूरी दुनिया के लिए अन्न पैदा करने में सहायता दी जा रही है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए नि:शुल्क राशन के माध्यम से भोजन से जुड़ी चिंताओं को समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट 2024-25 में कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्द्धन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कदम उठाने का वादा किया गया है। केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की तीव्र वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए समावेशी, आधुनिक भंडारण, पर्याप्त आपूर्ति श्रृंखला, प्राथमिक और द्वितीयक प्रसंस्करण एवं विपणन और ब्रांडिंग सहित फसल कटाई के पश्चात की गतिविधियों में निजी और सार्वजनिक निवेश को भविष्य में बढावा देने का वादा किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि-क्षेत्र समावेशी, संतुलित, उच्चतर संवृद्धि और उत्पादकता की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को कृषक-केंद्रित नीतियां लाकर, किसानों को उनके आय अर्जन में सहायता देकर, कीमत और बीमा के माध्यम से जोखिम कवरेज देकर, स्टार्ट-अप के माध्यम से प्रौद्योगिकी और नवाचारों को बढ़ावा देकर सुगम किया गया है।
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना से 2.4 लाख स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) और साठ हजार व्यक्तियों को ऋण सुविधा प्राप्त करने में सहायता मिली है। वित्तमंत्री ने कहा कि फसल कटाई के बाद होने वाली हानि को कम करने और उत्पादकता एवं आमदनी बढ़ाने के प्रयासों में अन्य योजनाओं से मदद मिल रही है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 38 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं और रोजगार के 10 लाख अवसरों का सृजन हुआ है।
वित्तमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट ने 1361 मंडियों को एकीकृत कर दिया है और इसमें 3 लाख करोड़ रुपये मूल्य का कारोबार हो रहा है एवं 1.8 करोड़ किसानों को सेवाएं मिल रही हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि मूलभूत आवश्यकताओं के इन प्रावधानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक आय में वृद्धि की है। किसानों की आर्थिक आवश्यकताओं का समाधान निकाला है और इस प्रकार से यह उपाय कृषि क्षेत्र में निरंतर वृद्धि करते हुए रोजगारों का सृजन कर रहे हैं।
आत्मनिर्भर तिलहन अभियान
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए कहा कि सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे तिलहनों के संबंध में ‘आत्मनिर्भरता’ प्राप्त करने के लिए कार्यनीति तैयार की जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि इसमें अधिक उपज देने वाली किस्मों के लिए अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों को व्यापक पैमाने पर अपनाने, बाजार संपर्कों, खरीद, मूल्य-वर्धन और फसल बीमा को शामिल किया जाएगा।
नैनो डीएपी
केंद्रीय वित्तमंत्री ने अपने संभाषण में कहा कि नैनो यूरिया को सफलतापूर्वक अपनाए जाने के बाद सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी को अपनाया जाएगा।
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