कोविड-19 महामारी की चुनौतियों से मुकाबला करने के मद्देनजर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के एक लाख कोविड योद्धाओं को कुशल बनाने और उनका कौशल विकास करने के लिये 18 जून, 2021 को ‘विशेष क्रैश-कोर्स’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुरू हो जाने के बाद कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने हाल में वाराणसी में प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (पीएमकेके) का दौरा किया। अपने दौरे में डॉ. पाण्डेय ने केंद्रों में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों से बातचीत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 राज्यों के 111 प्रशिक्षण केंद्रों में चलाया जा रहा है और जल्द ही एक लाख प्रोफेशनल स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के लिये तैयार हो जायेंगे। राज्यों की मांग के आधार पर रोजगार परक प्रशिक्षण नपे-तुले अंदाज में दिया जा रहा है। इस सिलसिले में कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन भी किया जा रहा है। छह विशेष क्रैश-कोर्स को स्वास्थ्य सुविधा कौशल परिषद (एचएसएससी) ने बहुत कम समय में ही विकसित कर दिया था। इस पाठ्यक्रम को तैयार करने में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रोफेशनलों ने हिस्सा लिया और उसे राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद् (एनसीवीईटी) नामक कौशल नियामक संस्था ने मंजूरी दी है।
वाराणसी के पीएमकेके के दौरे में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा,“विशेष क्रैश-कोर्स की शुरुआत कोविड-19 की मौजूदा और भावी चुनौतियों का मुकाबला करने के क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। इस पहल के जरिये, स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े कामों के हवाले से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि वे महामारी के दौरान अपने देशवासियों की सेवा कर सकें और उनकी मदद कर सकें। मुझे विश्वास है कि इस प्रशिक्षण से हमारे डॉक्टरों और नर्सों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे हमारे युवाओं को भविष्य में बेहतर अवसर भी मिलेंगे।”
कार्यक्रम का लक्ष्य है कोविड-19 का मुकाबला करने के लिये एक लाख से अधिक प्रोफेशनलों को तैयार किया जा सके, ताकि वे इस लड़ाई में अपनी भूमिका निभा सकें। उन सभी को बेसिक केयर सपोर्ट, इमरजेंसी केयर सपोर्ट, एडवांस्ड केयर सपोर्ट, सैम्पल कलेक्शन सपोर्ट, होम केयर सपोर्ट, मेडिकल इक्विपमेंट सपोर्ट जैसे अहम कामों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों, निदान सुविधाओं, सैम्पल एकत्र करने वाले केंद्रों, आदि में तीन महीने का रोजगार-प्रशिक्षण दिया जायेगा।
अभ्यर्थियों को सरकारी प्रमाणपत्र, वज़ीफा, दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, रहने की सुविधा जैसे लाभ मिलेंगे। राज्यों को निर्देश दिये गये हैं कि अभ्यर्थियों का टीकाकरण किया जाये, उन्हें पीपीई किट के साथ आवागमन का पास दिया जाये। प्रशिक्षण के बेहतर नतीजों को सुनिश्चित करने के लिये, प्रशिक्षण केंद्रों की सुविधाओं, संरचना, प्रशिक्षण सामग्री, नियमित प्रशिक्षण, उपस्थिति, प्रशिक्षक की योग्यता, प्रशिक्षु के प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण आदि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की पहल से विभिन्न राज्यों और जिला प्रशासन को कोविड-19 से उनकी लड़ाई में सहयोग मिलेगा। इस पहल से डॉक्टरों और नर्सों पर अत्यधिक काम का दबाव भी कम होगा।
मंत्रालय अनुभवी स्वास्थ्य कर्मियों और पीएमकेवीवाई-प्रमाणित अभ्यर्थियों के कौशल को बढ़ाने के लिये भी काम करेगा। यह कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों में उन्हें रोजगार मिलने के पहले दिया जायेगा।
The post कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने वाराणसी में प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों का दौरा किया appeared first on inSamachar.
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More
कटरीना की जिंदगी में आ गए 'गजपति कुलपति', कनेक्शन जानकर होगी हैरानी, फैमिली टाइम में… Read More
JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment