वर्ष 2020-21 के दौरान भारत से गेहूं के निर्यात में 727% और चावल(गैर बासमती) के निर्यात में 132% की जबरदस्त वृद्धि हुई
भारत ने पिछले सालों में कृषि उत्पादों के मामले में लगातार निर्यात अधिशेष कायम रखा । 2019-20 के दौरान भारत का कृषि एवं संबद्ध जिंसों का निर्यात 2.52 लाख करोड़ रुपये और आयात 1.47 लाख करोड़ रुपये का था। यहां तक कि महामारी के कठिन समय में भी भारत ने इस बात का ध्यान रखा कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला टूटने न पाए और लगातार निर्यात को जारी रखा। अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के दौरान कृषि एवं संबद्ध जिंसों का 2.74 लाख करोड़ रुपये का निर्यातकिया गया जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 2.31 लाख करोड़ रुपये के निर्यात के मुकाबले 18.49% अधिक रहा।
निर्यात में महत्वपूर्ण सकारात्मक वृद्धि दर्शाने वाली वस्तुओं में गेहूं,अन्य अनाज, चावल(बासमती के अलावा, सोया मील, मसाले,चीनी, कपास, ताजा सब्ज़ियां, प्रसंस्कृत सब्ज़ियां और मादक पेय शामिल हैं ।
गेहूं और अन्य अनाजों के मामले में पिछले साल की तुलना में भारी वृद्धि दर्ज हुई और ये क्रमश: 425 करोड़ रुपये से बढ़कर 3283 करोड़ रुपये और 1318 करोड़ रुपये से बढ़कर 4542 करोड़ रुपये हो गई। कुछ खास देशों की मांग पर नैफेड ने जी टू जी व्यवस्था के तहत 50,000 मीट्रिक टन गेहूं का निर्यात अफगानिस्तान को और 40,000 मीट्रिक टन गेहूं का निर्यात लेबनान को किया।भारत ने गेहूं के निर्यात के मामले में 727 % की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की।
देश ने चावल (गैर बासमती) के निर्यात के मामले में भी 132 %की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की। गैर बासमती चावल का निर्यात 2019-20 के 13,030 करोड़ रुपये से बढ़कर 2020-21 में 30,277 करोड़ रुपये हो गया ।निर्यात में यह वृद्धि कई कारकों की वजह से हुई जिनमें से मुख्य थी तिमोर-लेस्ते ,पपुआ न्यू गिनी,ब्राज़ील ,चिली और प्यूर्तो रिको के बाज़ारों पर भारत का कब्ज़ा होना। इन देशों के अलावा टोगो,सेनेगल,मलेशिया, मेडागास्कर,इराक,बांग्लादेश,मोज़ाम्बीक,वियतनाम तथा तंज़ानिया गणराज्य को भी निर्यात किया गया।
भारत ने सोया मील का निर्यात भी बढ़ाकर 132 % कर दिया । सोया मील का निर्यात 2019-20 के 3087 करोड़ रुपये के मुकाबले 2020-21 में 7224करोड़ रुपये हो गया ।
कृषि एवं संबद्ध जिंसों के जिन अन्य उत्पादों के निर्यात में भी पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के दौरान महत्वपूर्ण वृद्धि हुई वे हैं –मसाले (23562 करोड़ रुपये की तुलना में 26257 करोड़ रुपये ,11.44% की वृद्धि), चीनी (12226 करोड़ रुपये की तुलना में 17072करोड़ रुपये,39.64 % की वृद्धि), कपास(6771 करोड़ रुपये की तुलना में 11373 करोड़ रुपये ,67.96 % की वृद्धि), ताजा सब्जियां (4067 करोड़ रुपये की तुलना में 4780 करोड़ रुपये ,17.54 %की वृद्धि ) और प्रसंस्कृत सब्जियां 1994 करोड़ रुपये की तुलना में 2846 करोड़ रुपये ,42.69 % की वृद्धि ) आदि।
कृषि एवं संबद्ध वस्तुओं का आयात अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के दौरान 141034.25 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की इसी अवधि में 137014.39 करोड़ रुपये था ,इसमें 2.93% की मामूली वृद्धि हुई।
कोविड-19 के बावजूद कृषि क्षेत्र का व्यापार संतुलन भी अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के दौरान पर्याप्त बढ़ा और पिछले साल की समान अवधि के 93,907.76 करोड़ रुपये के मुकाबले 132,579.69 करोड़ रुपये हो गया।
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