केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय नौसेना के लिए कोचीन शिपयार्ड द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित किए गए भारत के सबसे जटिल स्वदेशी विमान वाहक पोत ‘विक्रांत’ के समुद्री परीक्षणों की शुरुआत की सराहना की है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी विमानवाहक पोत का डिजाइन और निर्माण राष्ट्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत पहल का सही प्रतिबिंब है। मंत्री महोदय ने देश को गौरव प्रदान करने के लिए कोचीन शिपयार्ड और भारतीय नौसेना को बधाई दी।
विक्रांत के प्रणोदन संयंत्रों का विभिन्न नेविगेशन, संचार और हल उपकरणों के परीक्षणों के अलावा समुद्र में कठिन परीक्षण किया जाएगा। बंदरगाह पर विभिन्न उपकरणों के परीक्षण के बाद स्वदेशी विमानवाहक पोत (आईएसी) के समुद्री परीक्षणों की शुरुआत विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के इस कठिन समय के दौरान देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा शिपयार्ड और पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन एकमात्र शिपयार्ड है। मंत्रालय के पुख़्ता समर्थन से अगस्त 2013 में कोचीन शिपयार्ड के बिल्डिंग डॉक से स्वदेशी विमानवाहक पोत की शुरूआत ने राष्ट्र को एक विमान वाहक डिजाइन का निर्माण करने में सक्षम देशों की सूची में ला खड़ा किया।
स्वदेशी विमानवाहक पोत की मूल डिजाइन भारतीय नौसेना के नौसेना डिजाइन निदेशालय द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित की गई है और संपूर्ण विस्तृत इंजीनियरिंग, निर्माण और सिस्टम का एकीकरण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया जाता है। शिपयार्ड ने उन्नत सॉफ्टवेयर का उपयोग करके जहाज की विस्तृत इंजीनियरिंग की, जिससे डिजाइनर को जहाज के डिब्बों का पूरा 3 डीदृश्य प्राप्त करने में मदद मिली। यह देश में पहली बार है कि किसी एयरक्राफ्ट कैरियर के आकार का जहाज पूरी तरह से 3डी मॉडल में तैयार किया गया है और 3डी मॉडल से प्रोडक्शन ड्रॉइंग निकाली गई है।
स्वदेशी विमानवाहक पोत देश का सबसे बड़ा युद्धपोत है जिसमें लगभग 40,000 टन विस्थापन की सुविधा है। जहाज स्वदेशी रूप से विकसित 21,500 टन विशेष ग्रेड स्टील की एक विशाल इस्पात संरचना है और पहली बार इसका भारतीय नौसेना के जहाजों में उपयोग किया गया है। जहाज की विशालता का अनुमान लगभग 2000 किलोमीटर की केबलिंग, 120 किलोमीटर पाइपिंग और जहाज पर उपलब्ध 2300 कम्पार्टमेंट्स से लगाया जा सकता है।
एयरक्राफ्ट कैरियर एक छोटा तैरता हुआ शहर है, जिसमें एक फ्लाइट डेक का इलाका है जो दो फुटबॉल मैदानों के आकार को कवर करता है। स्वदेशी विमानवाहक पोत 262 मीटर लंबा, 62 मीटर चौड़ा और 59 मीटर ऊंचा है, जिसमें सुपर स्ट्रक्चर भी शामिल है। ‘विक्रांत’ की अधिकतम गति लगभग 28 समुद्री मील और लगभग 7,500 समुद्री मील की एंड्योरेंस के साथ 18 समुद्री मील की परिभ्रमण गति है। सुपर स्ट्रक्चर में पांच डेक समेत कुल 14 डेक हैं। जहाज में 2,300 से अधिक कम्पार्टमेंट्स हैं, जिन्हें लगभग 1700 लोगों केक्रू के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें महिला अधिकारियों को समायोजित करने के लिए विशेष केबिन भी शामिल हैं।
शरीर में विटामिन की कमी के संकेत: जानिए कौन-सा विटामिन क्यों है जरूरी परिचय हमारे… Read More
वैभव सूर्यवंशी का खुलासा: विंबलडन फाइनल देखने के लिए अभिषेक शर्मा ने दिलाए कपड़े भारतीय… Read More
YouTuber Sourav Joshi का दावा- E20 पेट्रोल से Mercedes की माइलेज घटी, कंपनी ने दी… Read More
India White-Ball Series: चोटिल खिलाड़ियों की जगह Prince Yadav और Ravi Bishnoi को मिला मौका… Read More
CSK ने Stephen Fleming से 18 साल पुराना नाता तोड़ा, चेन्नई सुपर किंग्स के सुनहरे… Read More
उत्तर प्रदेश तबादला: प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों का ट्रांसफर, जानें क्या है पूरा मामला… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment