नई दिल्ली: माइक्रोसॉफ्ट सॉफ्टवेयर में कल हुई बड़े स्तर पर गड़बड़ी के बाद दुनिया भर में हवाई से लेकर स्वास्थ्य जैसी कई वैश्विक सेवाएं अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हैं। दुनिया भर में लाखों लोगों पर इसका असर पड़ा। अमेरिकी साइबर सुरक्षा कम्पनी क्राउड स्ट्राइक ने सॉफ्टवेयर अपडेट किया था, इस सॉफ्टवेयर में खामी आने के बाद माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम पर असर पड़ा। इससे दुनिया भर में बैंकिंग सेवा, अस्पतालों और हवाई संचालन पर बुरी तरह असर पड़ा।
माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ग्राहकों को तकनीकि जानकारी मुहैया कराने और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए क्राउड स्ट्राइक और उद्योग जगत के संपर्क में हैं।
इस बीच अमेरिकी साइबर सुरक्षा कम्पनी क्राउड स्ट्राइक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस गड़बड़ी के लिए माफी मांगी है और कहा कि इस गड़बड़ी को दूर कर लिया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि सभी सिस्टम को सुचारू रूप से काम करने में थोड़ा समय लगेगा।
इस बीच कुछ हवाई सेवाओं ने काम करना शुरू कर दिया है। संचालकों ने कुछ सेवाओं में देरी और रद्द होने की आशंका व्यक्त की है। दुनिया भर में पांच हजार उडाने रद्द हुई। हवाई अड्डों पर यात्रियों की लम्बी कतारें देखी गई।
भारत में भी कई उडानों में देरी हुई या रद्द करनी पडीं। हवाई अड्डों पर कई एयरलाइंस को चेक-इन और बोर्डिंग का काम कम्प्यूटर के बजाय हाथ से करना पड़ा। इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। दिल्ली हवाई अड्डे ने सोशल मीडिया पोस्ट पर बताया कि यात्रियों को हो रही असुविधा को कम करने के लिए वे, विशेषज्ञों के साथ काम कर रहे हैं।
हैदराबाद के राजीव गांधी हवाई अड्डे पर भी कई एयरलाइंस की तीस हवाई सेवाओं पर असर पडा। कल शाम तक 36 उडाने रद्द कर दी गईं। इनमें बेंगलूरू, तिरूपति, विशाखापत्तनम, कोच्चि, कोयम्बटूर, तिरूअनंतपुरम, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, जयपुर और रायपुर से आने-जाने वाली उडाने शामिल हैं।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार माइक्रोसॉफ्ट और उसके सहयोगियों के संपर्क में है। सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने कहा कि भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया बल महत्वपूर्ण संस्थाओं और संगठनों के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सभी प्रभावित कंपनियां अपने-अपने सिस्टम को पटरी पर लाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
इस बीच, दुनिया भर में माइक्रोसॉफ्ट सॉफ्टवेयर में गडबडी के बावजूद देश में वित्तीय और भुगतान प्रणाली पर लगभग असर नहीं पडा। रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि उसके द्वारा संचालित कंपनियों पर इस गडबडी का आंकलन किया गया है। केवल दस बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की सेवाओं में आंशिक रूप से रूकावट हुई जिसे ठीक कर लिया गया और कुछ पर काम जारी है। रिजर्व बैंक ने कहा कि भारतीय वित्तीय क्षेत्र पर इस वैश्विक गडबडी का असर नहीं हुआ। रिजर्व बैंक ने कहा कि अधिकतर बैंको के महत्वपूर्ण सिस्टम क्लाउड पर नहीं हैं। केवल कुछ बैंक ही क्राउड स्ट्राइक सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अस्बे ने कहा कि देश में यूपीआई जैसी लोकप्रिय भुगतान प्रणाली पर इस वैश्विक गडबडी का कोई असर नहीं पडा। रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने अपनी नियामक कंपनियों को परामर्श जारी कर आवश्यक कदम उठाने को कहा है। साथ ही संचालन की सुगमता सुनिश्चित करने को कहा है।
ब्रिटेन, इस्राइल और जर्मनी में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पडा और कई जगह संचालन रद्द करनी पडी।
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