अनधिकृत व्यापार से निपटने के लिए व्यापार, पारगमन और सहयोग संबंधी भारत-नेपाल अंतर-सरकारी उप-समिति (आईजीएससी) में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। काठमांडू में कल संपन्न हुई दो दिवसीय बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने फार्मास्युटिकल और आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए पारस्परिक बाजार पहुंच पर चर्चा की। भारतीय पक्ष ने एफडीआई को प्रोत्साहित करने के लिए पेरिस समझौते के प्रावधानों के अनुसार आईपीआर व्यवस्था की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। एजेंडे में पारगमन संधि और व्यापार संधि की समीक्षा, मौजूदा समझौतों में प्रस्तावित संशोधन, निवेश बढ़ाने की रणनीति, मानकों का सामंजस्य और व्यापार बुनियादी ढांचे के समकालीन विकास पर चर्चा भी शामिल थी।
इस बैठक का एक मुख्य आकर्षण द्विपक्षीय पहल पर ध्यान केंद्रित करना था जिसका उद्देश्य नए एकीकृत चेक पोस्ट और रेलवे लिंक के निर्माण सहित भारत और नेपाल के बीच निर्बाध सीमा पार कनेक्टिविटी को और मजबूत करना था।
दोनों पक्षों ने समृद्ध द्विपक्षीय व्यापार के साझा दृष्टिकोण को दर्शाते हुए इन पहलों को लागू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। भारत नेपाल के लिए प्रमुख व्यापार और निवेश भागीदार बना हुआ है, जो नेपाली आयात और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस बैठक में हुई चर्चा से दोनों देशों के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।
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