Categories: News-Headlines

भारतीय रेलवे ने सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण रेलगाड़ियों की देरी से चलने की समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए

भारतीय रेलवे ने सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण रेलगाड़ियों के संचालन के लिए सुरक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए, देश के उत्तरी भागों में कोहरे के दौरान रेलगाड़ियों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

यह निर्णय लिया गया है कि रेल इंजन में कोहरे से बचने के उपकरणों के उपयोग से कोहरे/खराब मौसम की स्थिति के दौरान अधिकतम अनुमेय गति को 60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा किया जा सकता है।

कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में चलने वाले सभी रेल इंजन में लोको पायलट को सुरक्षा के विश्वसनीय उपकरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

डेटोनेटरों की नियुक्ति और डेटोनेटरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। डिटोनेटिंग सिग्नल, जिन्हें डेटोनेटर या फॉग सिग्नल के रूप में जाना जाता है, ऐसे उपकरण हैं जो पटरियों पर लगा दिए जाते हैं और जब कोई इंजन उनके ऊपर से गुजरता है, तो वे चालक का ध्यान आकर्षित करने के लिए जोर से विस्फोट करते हैं।

साइटिंग बोर्ड (या डबल दूरवर्ती सिगनल के मामले में दूरस्थ सिगनल पर) पर ट्रैक के आर-पार लाइम मार्किंग अवश्य की जानी चाहिए।

सभी सिगनल साइटिंग बोर्ड, सीटी बोर्ड, फॉग सिगनल पोस्ट और व्यस्त संवेदनशील समपार फाटक जो दुर्घटना संभावित हैं या तो पेंट किए जाने चाहिए या उन्हें पीले/काले रंग की चमकदार पट्टियां चिपका दी जानी चाहिए। कोहरे के मौसम की शुरुआत से पहले उनकी उचित दृश्यता के लिए फिर से रंगाई का काम पूरा किया जाना चाहिए।

व्यस्त लेवल क्रॉसिंग पर लिफ्टिंग बैरियर, जहां आवश्यक हो, पीले/काले चमकदार संकेत पट्टियाँ चिपका दी जानी चाहिए।

नए मौजूदा सीटिंग कम लगेज रेक (एसएलआर) में पहले से ही एलईडी आधारित फ्लैशर टेल लाइट लगाई जा रही है, इसलिए, फिक्स्ड रेड लाइट वाले मौजूदा एसएलआर को संशोधित किया जाना चाहिए और एलईडी लाइट के साथ फिक्स किया जाना चाहिए। कोहरे के मौसम में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रयास होगा।

यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मौजूदा निर्देशों के अनुसार स्टॉप सिगनल की पहचान के लिए सिग्मा आकार में रेट्रो रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप लगा दी जाएं।

कोहरे से प्रभावित रेल मार्ग पर चालक दल के बदलते स्थानों की समीक्षा की जानी चाहिए। सड़क पर बढ़े हुए घंटों को देखते हुए, रेलवे नए/अतिरिक्त चालक दल बदलने वाले स्थानों पर बुनियादी ढांचा तैयार कर सकता है। साथ ही, कोहरे की अवधि के दौरान लोको/क्रू/रेक लिंक की समीक्षा की जानी चाहिए। स्टेशनरी ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों (लोको पायलट/सहायक लोको पायलट और गार्ड) को विशेष रूप से कोहरे के दौरान रेलगाड़ियां चलाने के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।

कोहरे के मौसम में लोको पायलट सभी सावधानियों का पालन करें। कोहरे के दौरान,  जब लोको पायलट अपने फैसले में महसूस करता है कि कोहरे के कारण दृश्यता प्रतिबंधित है, तो उसे उस गति से रेलगाड़ी चालानी चाहिए जिस पर वह रेलगाड़ी को नियंत्रित कर सके ताकि किसी भी बाधा से निपटने के लिए वह तैयार रहे; यह गति किसी भी स्थिति में 75 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होगी।

लेवल क्रॉसिंग पर गेटमैन और सड़क उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देने के लिए लोको पायलट बार-बार सीटी बजाते रहें।

Leave a Comment

Recent Posts

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण -एसआईआर की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया 20 जून से शुरू… Read More

3 hours ago

सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड में अपनी एक प्रतिशत हिस्‍सेदारी बेचने की पेशकश की

सरकार ने Coal India Limited में अपनी 1% हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है। अधिक… Read More

10 hours ago

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इंडोविदा इंडिया का ईपीएल लिमिटेड में विलय को मंजूरी दी

Competition Commission of India ने इंडोविदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के EPL Limited में विलय को… Read More

11 hours ago

सुप्रीम कोर्ट एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज फैसला सुनाएगा

Supreme Court of India आज निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)… Read More

11 hours ago

केंद्र सरकार ने घुसपैठ और अन्य कारणों से जनसंख्‍या आंकड़ों में परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया

केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच… Read More

11 hours ago

This website uses cookies.