Categories: News-Headlines

आईजीएल और एसडीएमसी ने अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र स्थापित करने के लिए समझौता किया

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने आज दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के साथ दिल्ली में अपशिष्ट (वेस्ट) से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र स्थापित करने के लिए एक मसौदा पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिससे कि नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट को वाहनों के ईंधन के रूप में उपयोग के लिए कंम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) में परिवर्तित किया जा सके। इसके लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली की उपस्थिति में मसौदा पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव तरुण कपूर, एसडीएमसी के मेयर मुकेश सूर्यन, एसडीएमसी के आयुक्त ज्ञानेश भारती, आईजीएल के प्रबंध निदेशक ए. के. जाना, निदेशक (वाणिज्यिक) अमित गर्ग, और मंत्रालय, एसडीएमसी एवं आईजीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे।

इस समझौते पर सिंक्रोनाइज़ेशन योजना के तहत सरकार की एसएटीएटी पहल के विस्तार के रूप में हस्ताक्षर किया गया है। सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टुवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन (एसएटीएटी) योजना में 2023-24 तक 15 एमएमटीपीए के उत्पादन लक्ष्य के साथ 5000 सीबीजी प्लांट स्थापित करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और किसानों की आय बढ़ाने का खाका तैयार किया गया है। म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को इनपुट के रूप में इस्तेमाल करके, इस पहल में एक तरफ नगरपालिका के कचरे को कम करने और दूसरी ओर एक टिकाऊ तरीके से क्लीन एनर्जी का उत्पादन करने के लिए, बहु-आयामी नजरिया शामिल है।

इस संयंत्र से प्रति दिन 4000 किग्रा सीबीजी का अनुमानित उत्पादन होने की उम्मीद है। एमओयू के एक हिस्से के रूप में, एसडीएमसी बायोगैस संयंत्र और सीबीजी स्टेशन की स्थापना के लिए आईजीएल को पश्चिम क्षेत्र में स्थित हस्तसाल में पहचान की गई जगह में एक जमीन प्रदान करेगा। इसके अलावा प्रस्तावित सीबीजी संयंत्र को चलाने के लिए एसडीएमसी आईजीएल को अलग किए गए बायोडिग्रेडेबल कचरे (लगभग 100 टीपीडी) की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

पैदा हुई सीबीजी से सीएनजी की मांग वाले वाहनों के लिए आपूर्ति करना पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए, आम जनता की सीएनजी मांग को पूरा करने के साथ-साथ एसडीएमसी वाहनों की कैप्टिव मांग को पूरा करने के लिए एक एकीकृत सीबीजी स्टेशन की स्थापना की जाएगी। इससे जैविक अपशिष्ट/आर्गेनिक स्लरी में वैल्यु एडिशन होगा और उसे बाजार में बेचा जाएगा।

यह समझौता विभिन्न अपशिष्ट और बायोमास स्रोतों से सीबीजी के उत्पादन के लिए देश में एक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम होगा। इसके जरिए प्राकृतिक गैस के आयात में कमी, ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कमी, कृषि अवशेषों को जलाने में कमी, किसानों के आय में बढ़ोतरी, रोजगार सृजन, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन कदम उठेंगे। यह पहल आत्म निर्भर भारत, स्वच्छ भारत मिशन और एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लक्ष्यों के अनुरूप है।

इस अवसर पर बोलते हुए, हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सॉलिड वेस्ट देश में एक बड़ी समस्या है और इसका जल्द समाधान करने की आवश्यकता है। 2014 में केवल 14% सॉलिड वेस्ट को प्रोसेस्ड किया गया था, लेकिन स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के कारण सात वर्षों में यह आंकड़ा 70% तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते को तुरंत अमल की ओर ले जाना चाहिए, और समझौते को इस तरह की परियोजनाओं के लिए एक आधार बनना चाहिए। हरदीप सिंह पुरी ने इसे सही दिशा में एक छोटा कदम बताते हुए कहा कि यह सभी संबंधित पक्षों के लिए फायदे का सौदा है। उन्होंने घोषणा की कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जाएगी और इसके अमल में आने वाली बाधाओं, आदि को दूर किया जाएगा।

Leave a Comment

Recent Posts

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण -एसआईआर की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया 20 जून से शुरू… Read More

14 hours ago

सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड में अपनी एक प्रतिशत हिस्‍सेदारी बेचने की पेशकश की

सरकार ने Coal India Limited में अपनी 1% हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है। अधिक… Read More

22 hours ago

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इंडोविदा इंडिया का ईपीएल लिमिटेड में विलय को मंजूरी दी

Competition Commission of India ने इंडोविदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के EPL Limited में विलय को… Read More

22 hours ago

सुप्रीम कोर्ट एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज फैसला सुनाएगा

Supreme Court of India आज निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)… Read More

22 hours ago

केंद्र सरकार ने घुसपैठ और अन्य कारणों से जनसंख्‍या आंकड़ों में परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया

केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच… Read More

23 hours ago

This website uses cookies.