Spiritual

शुक्रवार को करें वैभवलक्ष्‍मी की पूजा, सुख समृद्धि की होगी बरसात

हिन्दू धर्म में वैभवलक्ष्मी का पूजन सुख-समृद्धि, धन, वैभव और ऐश्‍वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। माना जाता है, नियम पूर्वक पूरे विधि विधान के साथ इनका पूजन करने से व्यक्ति को ये सभी चीजें प्राप्‍त होती हैं। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता के पूजन के लिए निश्‍चित है। इन मे से मां लक्ष्मी पूजन के लिए शुक्रवार को चुना गया है। इस दिन देवी के वैभवलक्ष्मी स्वरुप की भी आराधना की जाती है, जो वैभव और धन की देवी मानी जाती हैं। आइये जानें क्‍या हैं वैभवलक्ष्मी के शुक्रवार व्रत की विधि और नियम।

हालाकि मां वैभवलक्ष्मी का व्रत शीघ्र फलदायी होता है, फिर भी यदि फल शीघ्र ना मिलें तो एक महीने के अंतराल पर इसें पुन: शुरु करना चाहिए और इच्छानुसार पूर्ण होने तक व्रत तीन-तीन महीने पर करते रहना चाहिए। इस व्रत को प्रत्येक शुक्रवार को करना चाहिए। व्रत को शुरु करने से पहले तय कर लें की आप कितने शुक्रवार तक यह व्रत करेंगे। जैसे -11, 21, या उससे ज्‍यादा। इसके बाद व्रत समाप्त होने पर श्रद्धापूर्वक उद्यापन कर दें।

Read More : दस महाविद्याओं की आराधना से दूर होते हैं सारे कष्ट, जानिए दसविद्या के बारे में

एक बार व्रत पूरा होने के बाद दोबारा से किसी और मन्नत को मान कर व्रत कर सकते हैं। लक्ष्मी जी को श्रीयंत्र अति प्रिय है, इसलिए इस व्रत को करते समय श्री यंत्र सहित माता के श्रीगजलक्ष्मी, श्री अधिलक्ष्मी, श्री विजयलक्ष्मी, श्री ऐश्‍वर्यलक्ष्मी, श्री वीरलक्ष्मी, श्री धान्यलक्ष्मी और श्री संतानलक्ष्मी सभी रूपों को प्रणाम करें।

व्रत के दिन सुबह से ही मां लक्ष्मी के नाम का स्मरण मन ही मन करते रहना चाहिए। याद रहे कि शुक्रवार के दिन यदि आप घर से बाहर यात्रा पर गये हों तो वह शुक्रवार छोड़कर उसके बाद के शुक्रवार को व्रत करें इसका अर्थ ये है कि ये व्रत अपने ही घर में करना चाहिए।

याद रहे कि जितने शुक्रवार की मन्नत ली हो, उतने शुक्रवार अवश्‍य पूरे करने चाहिए। इस पूजा में बहुमूल्‍य धातु चढ़ाने का भी अत्‍यंत महत्‍व है, यदि सोना, चांदी की चीज न हो तो सिक्का या रुपया रख कर पूजा करें। व्रत पूरा होने पर कम से कम सात स्त्रियों को वैभवलक्ष्मी व्रत की पुस्तक कुमकुम का तिलक करके भेंट के में देनी चाहिए। व्रत की विधि शुरु करते वक्त लक्ष्मी स्तवन का पाठ करने से भी अत्‍यंत लाभ होता है। व्रत में फलाहार या एक बार भोजन करना चाहिए।

महालक्ष्मी का पूजन सुख-समृद्धि की प्राप्ति कराता है। वैभव लाता है। महालक्ष्मी के पूजन में निम्न में से किसी भी एक मंत्र का जप 108 बार करना चाहिए।

श्री महालक्ष्म्यै नमः।

ऊँ महालक्ष्म्यै नमः।

Khushi Bhargav

I am Khushi Bhargav a passionate Content Writer at Vikral News, who loves to share informative and engaging content on Trending News, Lifestyle, Entertainment, Current Affairs, and Viral Stories.

Leave a Comment

Recent Posts

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More

5 hours ago

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से हो सकती है शुरुआत

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More

5 hours ago

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा से जुड़ी अहम बातें

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More

7 hours ago

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी ताकत

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More

9 hours ago

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More

9 hours ago

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

1 day ago

This website uses cookies.