राज्यसभा ने आज अनुसूचित जनजाति आदेश संविधान संशोधन विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यह विधेयक संसद से पारित हो गया। लोकसभा ने पहले ही इसे मंजूरी दे दी थी।
इस विधेयक के तहत अनुसूचित जनजाति संविधान आदेश 1950 की व्यवस्थाओं में संशोधन कर त्रिपुरा की अनुसूचित जनजातियों की सूची में विशेष समुदाय को शामिल करने का प्रावधान किया गया है। कूकी जनजाति की उपजाति दारलोंग को भी सूची में शामिल किया जा रहा है।
राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए अनुसूचित जनजाति मामलों की राज्यमंत्री रेणुका सिंह सरूता ने कहा कि त्रिपुरा में मुख्य रूप से 19 जनजातियां हैं। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार देश में जनजातियों के विकास के लिए काफी कुछ कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया… Read More
भारत ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि उसे ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व… Read More
लोकसभा में कल संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक… Read More
निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 865 करोड़ रुपये… Read More
आईपीएल क्रिकेट में कल रात अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाईट राइडर्स को पांच… Read More
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment