राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए की न्याय प्राप्त करना इतना महंगा न हो जाये कि वह सामान्य जन की पहुच से बाहर हो जाए।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के नये भवन की आधारशिला रखे जाने के अवसर पर उन्होंने संस्थाओं और वकीलों से अपील की कि वे आगे आयें और न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और निशुल्क बनायें। विवादों के वैकल्पिक समाधान की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इसे और मजबूत करना जरूरी है क्योंकि इससे आम लोगों को कम खर्च पर तथा जल्द न्याय उपलब्ध कराया जा सकता है और न्यायालयों पर मामलों का बोझ कम होता है।
देश भर में विचाराधीन कैदियो के लंबित मामलों की बड़ी संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि न्यायालयों, सरकार और पुलिस प्रशासन को इस समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर प्रयास करने चाहिएं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन कानून की प्रशंसा करते हुए न्यायालयों में महिला न्यायधीशो की संख्या बढाने की सलाह दी।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवि मालीमठ ने भी संबोधित किया।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का यह नया भवन लगभग एक लाख 25 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जायेगा। इस पर करीब चार सौ साठ करोड़ की लागत आयेगी। यह नौ मंजिला होगा पहले चरण में 31 कोर्ट रूम बनाये जायेंगे। इसमें हर मंजिल पर वकीलों और लोगों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से भी यह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यह नया भवन पुराने जिला अदालत के स्थान पर बनाया जा रहा है।
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