खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013 के तहत लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार सब्सिडी वाले खाद्यान्नों का वितरण सही मात्रा में सुनिश्चित करने के लिए 18 जून 2021 को एक अधिसूचना जारी की है।
उन राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए जो अपने ईपीओएस उपकरणों को विवेकपूर्ण तरीके से संचालित कर रहे हैं और उन्हें प्रदान किए गए 17.00 रुपये प्रति क्विंटल के अतिरिक्त मुनाफे से बचत को बढ़ाने तथा एनएफएसए के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन की पारदर्शिता में बढ़ोत्तरी करने के लिए सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं। खाद्य सुरक्षा (राज्य सरकार की सहायता नियमावली) 2015 के उप-नियम (2) में नियम 7 को 18 जून 2021 से संशोधित किया गया है, ताकि किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के द्वारा लागत के लिए प्रदान किए गए अतिरिक्त मुनाफे से भी कोई बचत अर्जित की जा सके। इस बचत का प्रयोग पॉइंट ऑफ़ सेल उपकरणों की खरीद, संचालन और रखरखाव, ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल के खर्च और इसके उपयोग के लिए प्रोत्साहन तथा इलेक्ट्रॉनिक तौल तराजू की खरीद, संचालन एवं रखरखाव के साथ दोनों के एकीकरण के लिए किया जा सकता है। यह अन्य राज्यों को ईपीओएस उपकरणों के विवेकपूर्ण उपयोग के माध्यम से बचत उत्पन्न करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।
यह संशोधन एनएफएसए के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन की पारदर्शिता में सुधार के माध्यम से अधिनियम की धारा 12 के तहत परिकल्पित सुधार प्रक्रिया को और आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। जबकि ईपीओएस उपकरणों के माध्यम से होने वाला वितरण यह सुनिश्चित करता है कि, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से उचित लाभार्थी को रियायती खाद्यान्न प्रदान किया जाता है, इलेक्ट्रॉनिक तौल तराजू के साथ ईपीओएस उपकरणों का एकीकरण यह सुनिश्चित करेगा कि, लाभार्थी को उचित मूल्य की दुकान के डीलर के द्वारा उसकी पात्रता के अनुसार खाद्यान्न की सही मात्रा प्रदान की जा रही है।
यह ध्यान देने योग्य है कि, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सभी स्तरों पर लेनदेन का पारदर्शी दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने और किसी परिवर्तन को रोकने तथा नुकसान को न्यूनतम करने के लिए एंड-टू-एंड कम्प्यूटरीकरण सहित सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी उपकरणों के प्रयोग के माध्यम से लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार व अधिनियम के तहत लाभों के उचित लक्ष्यीकरण के लिए पात्र लाभार्थियों की बायोमेट्रिक जानकारी के साथ विशिष्ट पहचान के लिए “आधार” का उपयोग करने को प्रमुखता देता है।
खाद्य सुरक्षा (राज्य सरकार की सहायता नियमावली) 2015, जिसे अगस्त 2015 में अधिसूचित किया गया था, इसमें सभी स्तरों पर लेनदेन का पारदर्शी दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल उपकरण (ईपीओएस) के माध्यम से बिक्री के वास्ते उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) डीलरों को अतिरिक्त मुनाफा प्रदान करता है। तदनुसार, योजना “एनएफएसए के तहत खाद्यान्न एवं एफपीएस डीलरों के अंतरराज्यीय आवागमन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता” तथा सभी राज्य सरकारों / केंद्र शासित प्रदेशों को खरीद, संचालन व रखरखाव की लागत और पॉइंट ऑफ सेल उपकरण को प्रयोग करने का खर्च तथा इसके उपयोग के प्रोत्साहन के लिए 17.00 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त मुनाफा प्रदान करती है। अतिरिक्त मुनाफा उस उचित मूल्य की दुकान के लिए देय होता है, जिसने एक पॉइंट-ऑफ-सेल उपकरण लगाया हुआ है और यह इसके माध्यम से किए गए लेनदेन तक सीमित होगा।
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