भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) अब ‘नए भारत की नई खादी’ की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी, जो माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ‘वैश्विक ब्रांड’ बन गया है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवाईआईसी) तथा भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) ने खादी उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, कारीगरों को सशक्त बनाने और कोचराब आश्रम, अहमदाबाद में आज खादी के लिए ‘मेड इन इंडिया’ बैनर तले गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रस्तुत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एमओयू का आदान-प्रदान केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार और क्यूसीआई के अध्यक्ष जक्षय शाह की उपस्थिति में हुआ। दोनों संगठनों के बीच सहयोग का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप ‘विश्व स्तरीय खादी उत्पाद’ बनाना है।
समझौता ज्ञापन के अनुसार भारतीय गुणवत्ता परिषद खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी उत्पादकता और विपणन क्षमता में सुधार करने के लिए प्रशिक्षण सहित विभिन्न गतिविधियों में केवीआईसी को सहायता देगी। इसके साथ ही यह खादी कारीगरों को सशक्त बनाने तथा विभिन्न माध्यमों से खादी उत्पादों को बढ़ावा देकर केवीआईसी का समर्थन करेगी। इसके अतिरिक्त यह सहयोग खादी को ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के रूप में एक नई पहचान देगा, जिससे विश्व भर में गुणवत्ता के प्रतीक के रूप में खादी उत्पादों का उत्पादन और बिक्री बढ़ेगी। इससे खादी कारीगरों को उन्नत कौशल और ज्ञान से लैस करके अधिक उत्पादकता और दक्षता के साथ रोजगार के नए अवसर प्रदान किया जाएगा।
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवाईआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने इस अवसर पर कहा- “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘नए भारत की नई खादी’ विकसित भारत की पहचान बनने की ओर आगे बढ़ रही है।” केवाईआईसी खादी को और आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसके अंतर्गत पिछले वर्ष प्रसार भारती, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसका विस्तार करते हुए आज क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौता ज्ञापनों का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप खादी और ग्रामोद्योग आयोग को आधुनिक बनाने और युवाओं के बीच अपने उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार करना है।” मनोज कुमार ने कहा कि क्यूसीआई के साथ इस सहयोग से खादी उद्योग और इससे जुड़े कारीगरों के कौशल में वृद्धि होगी और खादी उत्पादों की गुणवत्ता की वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाएगी।
क्यूसीआई के अध्यक्ष जक्षय शाह ने कहा कि “खादी और केवीआईसी उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा इसमें शामिल कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए केवीआईसी के साथ साझेदारी करना गर्व का क्षण है, क्योंकि खादी सिर्फ एक उद्योग नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति और विरासत का प्रतीक है।” खादी भारत की सांस्कृतिक पहचान, शिल्प कौशल और स्थिरता का भी प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि आज जब हम विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं तो यह सहयोग निश्चित रूप से अधिक वैश्विक मान्यता का मार्ग प्रशस्त करने में योगदान देगा। इस अवसर पर खादी संस्थानों के प्रतिनिधि, खादी कारीगर, खादी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ केवीआईसी और क्यूसीआई के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment