केन्द्र, असम सरकार और यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम – उल्फा के बीच आज नई दिल्ली में ऐतिहासिक त्रिपक्षीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। इस समझौते का लक्ष्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थायी शांति कायम करना है। समझौता ज्ञापन पर गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किये गये। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि असम के भविष्य के लिए यह स्वर्णिम दिन है। उन्होंने कहा कि असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र लम्बे समय से हिंसा का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दिल्ली और पूर्वोत्तर के बीच अंतराल कम करने के प्रयास किये गये। गृह मंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में शांति और सीमाओं के बारे में नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये, जिनसे पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति कायम करने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि विघटनकारी गुटों के नौ हजार से अधिक सदस्य आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से असम के सबसे पुराने विघटनकारी गुट ने हिंसा का मार्ग त्यागने पर सहमति व्यक्त की है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि आज असम के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में असम में शांति लाने के लिए निरंतर कार्य किये गये। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये हैं और इस कदम से राज्य के लोगों की आकांक्षाएं पूरी होंगी।
इस अवसर पर उल्फा के प्रतिनिधि और असम तथा केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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