प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीओएआई) और एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स (एसीसीए), यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी है। यह समझौता ज्ञापन दोनों संस्थानों के सदस्यों को परस्पर एडवांस एंट्री उपलब्ध कराएगा। इसके लिए अन्य व्यावसायिक निकायों से योग्यता हासिल करने की प्रक्रिया में अधिकांश विषयों में उत्तीर्ण होने की बाध्यता से छूट दिलाएगा। इसके अलावा, दोनों संस्थानों के सदस्यों को संयुक्त शोध और पेशेगत विकास गतिविधियों को जारी रखने में सहायता उपलब्ध कराएगा
प्रभाव: यह समझौता ज्ञापन ज्ञान के आदान-प्रदान और अनुसंधान तथा प्रकाशनों के आदान-प्रदान की दिशा में ध्यान केंद्रित करने को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों अधिकार क्षेत्रों में सुशासन प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। दोनों पक्ष कॉस्ट अकाउंटेंसी पेशे से संबंधित संयुक्त अनुसंधान शुरू करेंगे, जिसमें तकनीकी क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान भी शामिल हो सकते हैं। यह समझौता ज्ञापन दोनों अधिकार क्षेत्रों में पेशेवरों की आवाजाही में मदद करेगा और भारत और विदेशों में कॉस्ट अकाउंटेंट्स की रोजगार क्षमता को भी बढ़ाएगा।
विवरण: यह समझौता ज्ञापन एक संस्थान के सदस्यों को पेशेगत स्तर के विषयों में न्यूनतम अंक हासिल करके दूसरे संस्थान की पूर्ण सदस्यता की स्थिति प्राप्त करने और दोनों अधिकार क्षेत्रों में पेशेवरों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
पृष्ठभूमि: इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की स्थापना पहली बार 1944 में कंपनी अधिनियम के तहत एक पंजीकृत कंपनी के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य कॉस्ट अकाउंटेंसी के पेशे को बढ़ावा देना, विनियमित करना और विकसित करना था। 28 मई, 1959 को संस्थान की स्थापना संसद के एक विशेष अधिनियम अर्थात् कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट्स अधिनियम, 1959 द्वारा कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंसी के पेशे के विनियमन के लिए एक सांविधिक पेशेवर निकाय के रूप में की गई थी। यह संस्थान भारत में एकमात्र मान्यता प्राप्त सांविधिक पेशेवर संगठन और लाइसेंसिंग निकाय है, जो विशेष रूप से कॉस्ट और वर्क्स अकाउंटेंसी में विशेषज्ञता रखता है। एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स (एसीसीए) की स्थापना 1904 में हुई थी जिसे इंग्लैंड और वेल्स के कानूनों के तहत 1947 में रॉयल चार्टर द्वारा समाविष्ट किया गया था। यह पेशेवर लेखाकारों के लिए एक वैश्विक निकाय है, जिसके पूरे विश्व में 2,27,000 से अधिक पूरी तरह से योग्यता प्राप्त सदस्य और 5,44,000 भावी सदस्य हैं।
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