उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज कहा कि आदिवासी हमारे देश की शान हैं। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से आये आदिवासी छात्र-छात्राओं से उपराष्ट्रपति निवास पर मुलाकात करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा “मैं आपको यही कहूंगा कि आप इस देश के मालिक हैं। आप जमीन से जितना जुड़े हुए हैं, और कोई नहीं जुड़ा हुआ है।”
उपराष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 2024 की शुरुआत मेरे लिए, राज्य राज्यसभा परिवार के लिए और उपराष्ट्रपति के परिवार के लिए बहुत ही सौभाग्यशाली रहेगी क्योंकि आपके कदम यहां पड़ चुके हैं।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि जनजाति की ताकत को यदि समझना है, इसके महत्व को समझना है, इसकी प्रतिभा को समझना है तो राष्ट्रपति भवन चले जाइए। जनजाति की महिला द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति हैं, और आज जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, सबसे जीवंत लोकतंत्र है, अप्रत्याशित प्रगति की ओर चल रहा है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज का भारत बदल गया है, और यही कारण है कि भारत के तीन सर्वोच्च पद- नंबर एक पर एक ट्राइबल महिला हैं, नंबर दो पर किसान पुत्र है और नंबर तीन पर है अन्य पिछड़ा वर्ग से और दुनिया में क्रांति भारत की वजह से आ रही है।
अपने वकालत के दिनों का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने बताया कि उनका छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा और कर्नाटक में धरवाड़ जैसी जगहों पर बहुत आना जाना रहा था। इन जगहों की एक खास बात है कि ईश्वर ने इन पर बड़ी कृपा की है और ये नेचुरल रिसोर्सेस से भरपूर हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2014 में एक बदलाव आया और भारत के प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि इन इलाकों की पहचान खनन से नहीं होनी चाहिए, बल्कि वहां के प्रतिभाशाली लोगों से होनी चाहिए।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है जो हमें प्रेरणा देता है और दुनिया को पता लग गया है कि वह कौन हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत अमृत काल में है और दुनिया हमारी प्रगति को देखकर आश्चर्यचकित है।
उपराष्ट्रपति ने उपस्थित छात्रों से आह्वान किया कि 2047 में जब भारत आजादी के 100 साल का पर्व मनायेगा, उसके कर्णधार आप हैं, उसके योद्धा आप हैं। आपके सबल कंधों पर ही विकसित भारत का निर्माण होगा।
सभी छात्रों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए, उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि सदा स्वस्थ रहें, स्वस्थ सोचे, बिल्कुल नहीं डरे। कई बार हम लोग गांव से आते हैं तो हमें डर लग जाता है शहर की चमक दमक से। उन्होंने कहा कि मत डरिए क्योंकि शहरों में भी ताकत ग्रामीण की ही है, ट्राइबल की ही है।
उपराष्ट्रपति निवास पर भेंट के बाद सभी छात्र-छात्राओं ने संसद का भ्रमण किया।
इस अवसर पर डॉ सुदेश धनखड़, राज्य सभा के महासचिव, पी सी मोदी, उपराष्ट्रपति के सचिव सुनील गुप्ता, राज्य सभा के सचिव रजित पुन्हानी, अवर सचिव वन्दना कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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