अमरीका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमरीका ने ईरान में फार्दो, नतांज और इस्फहान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा है कि इन परमाणु ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला करने के बाद सभी अमरीकी विमान ईरान के वायुक्षेत्र से बाहर आ गये हैं। डॉनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि बमों का पूरा पेलोड प्रमुख परमाणु केन्द्र फार्दो पर गिराया गया। रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस हमले में जीबीयू-57ए मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर, “बंकर बस्टर” बम का इस्तेमाल किया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान को अब युद्ध खत्म करने पर सहमत हो जाना चाहिए, ये अब शांति का समय है।
आज सुबह राष्ट्र को संबोधित करते हुए डॉनाल्ड ट्रम्प ने इन हमलों को शानदार सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को रोकना और दुनिया में आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले सबसे बडे देश से उत्पन्न परमाणु खतरे पर रोक लगाना है।
ईरान की सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि की है कि इस्फहान, नतांज और फोर्दो परमाणु ठिकानों पर दुश्मनों ने हमले किए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी ने कहा है कि हमले से पहले संवर्धित यूरेनियम के भंडारों को हटा लिया गया था।
इस्राइल की समाचार एजेंसी कान ने कहा है कि ईरान पर हमले के दौरान इस्राइल ने अमरीका के साथ पूरा सहयोग किया।
इस बीच, इस्राइली बलों ने कल ईरान के महत्वपूर्ण शहर बंदरअब्बास पर नए हमले किए। इस्राइली सेना ने कहा है कि उसके हमले मानव रहित हवाई वाहन डिपो और हथियार केन्द्रों पर हुये हैं। बंदरअब्बास ईरान का सबसे बडा वाणिज्यिक शहर है और यहां प्रमुख बंदरगाह, नौसेना मुख्यालय और हार्मूज जलडमरू मध्य के पास महत्वपूर्ण तेल बुनियादी केन्द्र हैं जिसके माध्यम से विश्व में बीस प्रतिशत तेल का व्यापार इसी मार्ग से होता है।
इस्राइल ने इस्फहान परमाणु ठिकाने पर भी हवाई हमले किए। उधर, ईरान ने इस्राइल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।
ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने इजरायली क्षेत्र में लगभग चालीस ड्रोन दागे। जवाब में, इजरायली सेना ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान में “दर्जनों सैन्य ठिकानों” पर हमला किया। जिन जगहों पर हमला हुआ, उनमें खुज़ेस्तान प्रांत में एक आपातकालीन केंद्र और एक विश्वविद्यालय भी शामिल है। इस बीच ईरान समर्थित हौजी बलों ने अमरीका को तेहरान को निशाना बनाने वाली सैन्य कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी है। विद्रोहियों ने धमकी दी कि अगर वाशिंगटन ईरान के खिलाफ इजरायल के सैन्य अभियान में शामिल होता है तो वे लाल सागर में अमरीकी जहाजों और युद्धपोतों को निशाना बनाएंगे। इस संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी असफल साबित हो रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वे इजरायल का हमला जारी रहने तक अमरीका के साथ बातचीत में शामिल नहीं होंगे।
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