बिजली, नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री आर के सिंह ने कल वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये देश में विभिन्न ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों की प्रगति तथा जलवायु परिवर्तन कार्रवाईयों की तैयारी की समीक्षा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
इस उच्च स्तरीय बैठक का उद्देश्य कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन घटाने के ध्येय से अर्थव्यवस्था के सभी सेक्टरों में ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में कार्यकलापों पर चर्चा करना था।
आर के सिंह ने परिवहन, एमएसएमई तथा बिजली संयंत्रों जैसे सर्वोच्च उत्सर्जन तीव्रता वाले सेक्टरों पर फोकस रखने का निर्देश दिया। उन्होंने मिशन दस्तावेज-रोशनी-जिसे देशभर में ऊर्जा संरक्षण की एक श्रृंखला के कार्यान्वयन के लिए विकसित किया गया है, के तहत निर्धारित कार्यकलापों पर चर्चा की।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऊर्जा की कम से कम बर्बादी हो, मंत्रालयों को मांग पक्ष पहलों पर उपयुक्त उपाय करने का सुझाव दिया और कहा कि विशेष रूप से, एमएसएमई में व्यापक स्तर पर निम्न कार्बन प्रौद्योगिकियों को तैनात किए जाने की आवश्यकता है, जहां यह बेहद जरुरी है। उन्होंने सभीविभागों को निर्देश दिया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और अधिक आक्रामक तरीके से बढाये जाने की जरुरत है।
आर के सिंह ने बल दिया कि सभी ऊर्जा दक्षता स्कीमों के बेहतर कार्यान्वयन के लिए बिजली मंत्रालय के तहत सीपीएसयू, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो में संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ बनाया जाएगा। ऊर्जा दक्षता प्रयासों को बढ़ाने के लिए राज्य एजेंसियों को भी सुदृढ़ बनाये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने निम्नलिखित कार्रवाई करने पर और बल दिया:
अर्थव्यवस्था का प्रगतिशील विद्युतीकरण: संभावित क्षेत्रों का पता लगाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना विकसित की जाएगी,
बिजली का कायाकल्प- अक्षय ऊर्जा के लिए एक ठोस प्रयास पहले सेचल रहा है।
एक समिति/समूह का निर्माण किया जाएगा जिसमें ऊर्जा दक्षता एवं निम्न कार्बन प्रौद्योगिकियों पर रोडमैप के कार्यान्वयन के लिए सभी संगत मंत्रालयों के सदस्य शामिल होंगे
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो तथा राज्यों की संगठनात्मक संरचना का सुदृढ़ीकरण
इस उच्च स्तरीय बैठक में, बिजली मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, विदेश मामले मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, व्यय विभाग, भारी उद्योग मंत्रालय, नीति आयोग, सीईए, बीईई, एनटीपीसी, पीएफसी, आरईसी, ईईएसएल, इरेडा तथा एसईसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बिजली मंत्रालय के सचिव, आलोक कुमार ने रेखांकित किया कि कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन घटाने के हमारे लक्ष्य को सफलतापूर्वक अर्जित करने पर फोकस करने के लिए कूलिंग सेक्टर, कोल्ड स्टोरेज तथा कुकिंग प्रमुख क्षेत्र हैं। उन्होंने वस्तुओं की आवाजाही को सड़क परिवहन से रेलवे की तरफ बदलने की संभावना की खोज करने की भी चर्चा की। बिजली सचिव ने रेखांकित किया कि मंत्रालय के तहत एक सीपीएसयू पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन ऊर्जा दक्षता वित्तपोषण के लिए एक नोडल एजेंसी होगी तथा विभिन्न वित्तपोषण कार्यक्रमों के लिए एक ज्ञान आधारित चैंपियन संगठन के रूप में कार्य करेगी। एमएसएमई के लिए वित्तपोषण अभी भी एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के महानिदेशक ने जलवायु परिवर्तन तथा भारत की एनडीसी प्रतिबद्धताओं एवं मिशन रोशनी के तहत परिकल्पित कार्रवाइयों पर एक प्रस्तुति दी। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो ने 2021-2030 की अवधि के लिए सेक्टर वार कार्य योजना निर्धारित करते हुए रोशनी और उन्नति नामक दो प्रोग्राम विकसित किए हैं। मिशन रोशनी में 2030 तक देश में 550 मिलियन टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन घटाने के उद्देश्य के साथ अर्थव्यवस्था के सभी सेक्टरों में ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में विभिन्न कार्यकलापों की परिकल्पना की गई है जबकि उन्नति एक कार्यशील दस्तावेज है जिसमें ऊर्जा तीव्रता कम करने के लिए अल्प अवधि तथा दीर्घ अवधि कार्य योजनाएं हैं।
ICC क्या है? क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी संस्था की पूरी जानकारी क्रिकेट की दुनिया… Read More
शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ… Read More
RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS)… Read More
ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान मैच स्कोरकार्ड: 22 रन से जीता पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच… Read More
1 जून को बदलेगा मौसम का मिजाज, उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का… Read More
Anthropic के Claude AI की खासियतें क्या हैं? Claude AI की सबसे बड़ी विशेषता इसका… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment