राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने एचएमआईएस (स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली)/ एलएमआईएस (प्रयोगशाला सूचना प्रबंधन प्रणाली) समाधानों को मान्यता और मूल्यांकन (रेटिंग) देने के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषण (क्यूसीआई) को छह महीने के लिए नियुक्त किया है, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के साथ एकीकृत है। क्यूसीआई का घटक बोर्ड स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के लिए जिम्मेदार है। एनएबीएच उपयोग में आसानी, यूजर इंटरफेस, मूल्य निर्धारण, मॉड्यूल/ सुविधाओं की संख्या और पूंजी/ कीमत के मूल्य सहित विभिन्न मानदंडों पर एबीडीएम अनुपालन समाधान को मान्यता और रेटिंग देने की जिम्मेदारी निभाएगा, जिससे संभावित खरीददार को विश्वसनीय जानकारी मिल सकेगी।
इस पहल के उद्देश्य पर बात करते हुए एनएचए के सीईओ डॉ. आर एस शर्मा ने कहा, “एबीडीएम के साथ, मुख्य रूप से हमारा लक्ष्य स्वास्थ्य तकनीक सेवाओं के वितरण को सुव्यवस्थित करके नवाचारों को प्रोत्साहन देना है। हम एक ऐसा ढांचा विकसित करने की योजना बना रहे हैं, जिससे सुनिश्चित हो सके कि सभी एबीडीएम के अनुरूप डिजिटल समाधान मान्यता प्राप्त हों और उनका मूल्यांकन किया गया हो। साथ ही एक समाधान की तुलना में दूसरा समाधान चुनने के लिए उपभोक्ताओं को पर्याप्त जानकारियां उपलब्ध हों। इसके लिए, हम एक समीक्षा योजना विकसित करने और कम से कम 10 एचएमआईएस समाधान (सार्वजनिक और निजी) की मान्यता और समीक्षा पूरी करने के लिए क्यूसीआई के साथ साझेदारी कर रहे हैं। इन्हें अगले छह महीनों में एबीडीएम के साथ सफलतापूर्वक जोड़ना है।”
इस पहल के प्रभाव पर अपने संबोधन में क्यूसीआई के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई ने कहा, “एनएचए अपनी डिजिटल स्वास्थ्य पहल के माध्यम से भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य तक पहुंच को बढ़ा रहा है, वह शानदार है। अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और क्लीनिकों के प्रबंधन के लिए एबीडीएम के तहत सॉफ्टवेयर समाधानों की मान्यता के लिए यह कार्यक्रम भारत में स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग है। मुझे इस बात की खुशी है कि क्यूसीआई और एनएबीएच इस कार्यक्रम को आकार देने के लिए एनएचए के साथ हाथ मिलाएंगे। मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य तकनीक समाधानों से स्वास्थ्य संगठनों को एबीडीएम मानकों के अनुरूप अपने मरीजों और व्यवसाय का ज्यादा व्यवस्थित तरीके से प्रबंधन करने में सहायता मिलेगी। कुल मिलाकर, इस पहल से भारत से नागरिकों को बेहतर और ज्यादा समयबद्ध स्वास्थ्य देखभाल हासिल करने में सहायता मिलेगी। इससे भारत दुनिया में स्वास्थ्य देखभाल के डिजिटलीकरण में लीडर्स में से एक के रूप में सामने आएगा।”
मान्यता की यह कवायद चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। पहले चरण में एबीडीएम के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत एचएमआईएस समाधानों को मान्यता देने और रेटिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद के चरणों में अन्य व्यक्तिपरक मानकों और एलएमआईएस, हेल्थ लॉकर, स्वास्थ्य तकनीक, पीएचआर (व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड) ऐप्स आदि सहित स्वास्थ्य देखभाल की अन्य श्रेणियों को शामिल किया जाएगा।
इस पहल के तहत, एनएबीएच, क्यूसीआई को उत्पादों (एचएमआईएस, एलएमआईएस, हेल्थ लॉकर आदि) की विभिन्न श्रेणियों से जुड़े डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों के लिए मान्यता के मानकों के विकास के उद्देश्य से डिजिटल स्वास्थ्य विशेषज्ञों को जोड़ेंगे, जिन्होंने सफलतापूर्वक एबीडीएम के साथ अपना एकीकरण पूरा कर लिया है। समीक्षा के मानदंडों के लिए जांच की परिस्थितियां एनएचए द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। इस मान्यता को हासिल करने के इच्छुक सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, सॉफ्टवेयर प्रदाता, अस्पताल, प्रयोगशाला, हेल्थकेयर एग्रीगेटर आदि आवेदकों को मान्यता मानकों और एबीडीएम की शर्तों के अनुपालन साथ एनएबीएच के पास अपना ‘मान्यता आवेदन’ जमा करना होगा।
समाधानों की अंतिम मान्यता मानदंडों (स्वास्थ्य सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम में अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के साथ ही एनएचए द्वारा उपलब्ध कराए गए तकनीक मानकों की सांकेतिक सूची के आधार पर) पर समीक्षा की जाएगी। फिर क्यूसीआई से जुड़े स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक टीम मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य समाधानों को रेटिंग देगी और समय-समय पर दिशानिर्देशों और रखरखाव के मानकों और उपयोगकर्ता के अनुभव के आधार पर न्यूनतम व्यवहार्य शर्तों के साथ उनके संचालन प्रदर्शन की निगरानी की जाएगी। उपयोगकर्ता अपना फीडबैक देने में सक्षम होंगे, जिन्हें रेटिंग तंत्र के साथ जोड़ा जाएगा। समाधानों के लिए रेटिंग और समीक्षाओं को क्यूसीआई द्वारा सुझाए गए प्लेटफॉर्म के साथ एबीडीएम की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा।
इस पहल के साथ, एनएचए का उद्देश्य संभावित खरीदार को स्वास्थ्य समाधानों के साथ तुलना के द्वारा सोच समझकर फैसला लेने में सक्षम बनाना है, जो समान श्रेणी (जैसे- एचएमआईएस, एलएमआईएस, हेल्थ लॉकर, स्वास्थ्य तकनीक आदि) में आते हों। क्यूसीआई वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय बनाई गई एक स्वायत्त संस्था है, जिसका उद्देश्य उत्पादों, सेवाओं और प्रक्रियाओं के थर्ड पार्टी आकलन के लिए एक ऐसा विश्वसनीय और टिकाऊ तंत्र उपलब्ध कराना है जो वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य और मान्यता प्राप्त हो।
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