भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत भारतीय कॉर्पोरेट मामले संस्थान (आईआईसीए) ने राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) मुख्यालय, नई दिल्ली में योग्य पेशेवरों की खोज करने वाले शीर्ष कॉरपोरेट नेताओं के साथ समझौता ज्ञापन समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएफआरए के अध्यक्ष और आईआईसीए के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी डॉ. अजय भूषण पांडे ने की।
कार्यक्रम में पेशेवरों की खोज करने वाले छह प्रमुख फर्मों कोर्न फेरी, एबीसी कंसल्टेंट्स, ईएमए पार्टनर्स लिमिटेड, डीएचआर ग्लोबल, शेफ़ील्ड हॉवर्थ और वाहुरा के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। साझेदारी का उद्देश्य भारतीय निदेशक मंडलों में स्वतंत्र निदेशकों के चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। भारतीय बोर्डरूम कॉर्पोरेट प्रशासन उत्कृष्टता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
साझेदार फर्मों के अग्रणी नेताओं में एबीसी कंसल्टेंट्स के प्रबंध निदेशक शिव अग्रवा; कोर्न फेरी, वित्तीय सेवाएं एपीएसी की प्रबंध निदेशक मोनिका अग्रवा; डीएचआर ग्लोबल के प्रबंध साझेदार विक्रम छाछी; शेफील्ड हावर्थ के कार्यकारी निदेशक सेथुमाधवन श्रीनिवासन; वाहुरा की बोर्ड प्रैक्टिस प्रमुख श्वेता राव; और ईएमए पार्टनर्स लिमिटेड के एसोसिएट निदेशक आदर्श आरोन शामिल थे।
आईआईसीए महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी डॉ. अजय भूषण पांडे ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन स्वतंत्र निदेशक डाटाबैंक के लिए योग्य स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति सुगम बनाने में महत्वपूर्ण कदम है। इस स्तर की खोज फर्मों के साथ सहयोग से कंपनियों को आधुनिक बोर्डरूम की उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल पेशेवर सुनिश्चित होंगे। उन्होंने संगठनों के निदेशकों और ग्राहक संतुष्टि और जुड़ाव संबंधित अधिकारी सीएक्सओ के लिए डिज़ाइन किए गए क्षमता निर्माण और पक्षपोषण हस्तक्षेपों के माध्यम से कॉर्पोरेट प्रशासन उत्कृष्टता बढ़ाने में आईआईसीए की व्यापक भूमिका का उल्लेख किया।
प्रतिनिधियों ने इस पहल और भारतीय बोर्डरूम प्रशासन क्षमता बढ़ाने पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। एबीसी कंसल्टेंट्स के प्रबंध निदेशक शिव अग्रवाल ने भारत में फर्म की 55 साल की विरासत का उल्लेख किया और प्रशासन उत्कृष्टता और संगठनात्मक विकास में निदेशक मंडल की बढ़ी भूमिका की चर्चा की। कोर्न फेरी, वित्तीय सेवाएं एपीएसी की प्रबंध निदेशक मोनिका अग्रवाल ने निदेशक मंडल संरचना और कौशल के महत्व पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की और डाटाबैंक जैसे संसाधनों द्वारा कॉर्पोरेट प्रशासन के मूल्यों पर जोर दिया। डीएचआर ग्लोबल के प्रबंध साझेदार विक्रम छाछी ने कंपनियों, निदेशक मंडलो और कार्यकारी खोज फर्मों के लिए उपयोगी संसाधन के तौर पर डाटाबैंक की सराहना की जिसके जरिये विशेषज्ञ सलाहकार जुड़ते हैं। शेफील्ड हावर्थ के कार्यकारी निदेशक सेथुमाधवन श्रीनिवासन, वाहुरा की बोर्ड प्रैक्टिस प्रमुख श्वेता राव और ईएमए पार्टनर्स लिमिटेड के एसोसिएट निदेशक आदर्श आरोन ने भी पहल के प्रति इसी तरह के विचार व्यक्त किए।
कंपनी (निदेशकों की नियुक्ति और योग्यता) नियम, 2014 के तहत स्वतंत्र निदेशक डाटाबैंक (आईडीडीबी) योग्य पेशेवरों के भंडार का कार्य करता है। नियमों के तहत सभी स्वतंत्र निदेशकों के लिए डाटाबैंक के साथ पंजीकरण और दक्षता मूल्यांकन पूरी करना अनिवार्य है।
स्कूल ऑफ कॉरपोरेट गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी के प्रमुख और आईडीडीबी के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा कि यह सहयोग निदेशक मंडल संरचना को समकालीन प्रशासन मानकों के अनुरूप बनाए रखने के आईआईसीए के केंद्रित विचार को दर्शाता है। यह दायित्तव और निदेशक मंडल की प्रभावशीलता सुदृढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
कार्यक्रम में आईआईसीए में स्कूल ऑफ कॉर्पोरेट गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी के तहत विकसित दो प्रमुख गवर्नेंस संसाधनों का शुभारंभ भी किया गया। इनमें पहले आईआईसीए नोट ऑन बोर्ड इवैल्यूएशन में निदेशक मंडल मूल्यांकन प्रचलन के विश्लेषण निहित हैं जिनमें वैश्विक और भारतीय संदर्भ शामिल हैं। इसमें मूल्यांकन पद्धतियों, उपायों, क्षेत्र-विशिष्ट प्रचलनों और उभरते रुझानों की जांच की जाती है। और कॉर्पोरेट प्रशासन मजबूत करने तथा संगठनात्मक प्रभावशीलता बढ़ाने में उनकी भूमिका दर्शाती है। दूसरे बोर्ड इवैल्यूएशन सर्विसेज डेक में कॉर्पोरेट प्रशासन आकलन और बोर्ड मूल्यांकन में आईआईसीए की विशेषज्ञता का उल्लेख है। ये मूल्यांकन निदेशक मंडल के प्रदर्शन और प्रशासन तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। ये पहले ही कई अग्रणी संगठनों के लिए लाभदायक रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों में राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण की सदस्य स्मिता झिंगरन, सचिव विधु सूद, आईआईसीए के कर्नल अमनदीप सिंह पुरी, स्कूल ऑफ कॉरपोरेट गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी के प्रमुख, डॉ. नीरज गुप्ता ,सेंटर फॉर बोर्ड एक्सीलेंस एंड लीडरशिप (सी-बीईएल) के मुख्य कार्यक्रम कार्यकारी मैथ्यू जॉन और सेंटर फॉर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की प्रिंसिपल रिसर्च एसोसिएट डॉ. अनिंदिता चक्रवर्ती ने भाग लिया।
इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से स्थापित साझेदारियों को भारतीय कॉरपोरेट मामले संस्थान (आईआईसीए) द्वारा सुगम बनाया गया , जिसमें स्कूल ऑफ कॉरपोरेट गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी के प्रमुख डॉ. नीरज गुप्ता और सेंटर फॉर बोर्ड एक्सीलेंस एंड लीडरशिप के मुख्य कार्यक्रम कार्यकारी मैथ्यू जॉन का प्रमुख योगदान रहा।
आज शुरू हुई पहल निदेशक मंडल नेतृत्व, चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन प्रथा बेहतर बनाकर कंपनियों को मदद करने, भारतीय बोर्डरूम को वैश्विक मानकों के अनुरूप और कॉर्पोरेट प्रशासन बेहतर बनाने की आईआईसीए की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
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