केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की236 वीं बैठक की अध्यक्षता की। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री तथा सीबीटी, ईपीएफओ की उपाध्यक्ष शोभा करंदलाजे, श्रम एवं रोजगार सचिव तथा सीबीटी, ईपीएफओ की सह-उपाध्यक्ष सुमिता डावरा तथा केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त एवं सदस्य सचिव रमेश कृष्णमूर्ति भी उपस्थित थे।
बैठक में केंद्रीय न्यासी बोर्ड -सीबीटी की पिछली बैठक के बाद से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन -ईपीएफओ द्वारा की गई प्रमुख पहल की जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि कर्मचारियों की स्वतः क्लेम सेटलमेंट सुविधा सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई हैजिसे आवास, विवाह और शिक्षा के लिए अग्रिम राशि के तौर पर भी लागू किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 1.15 करोड़ दावों का स्वतः सेटलमेंट विधि से निपटान किया गया है। केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने इस तथ्य की सराहना की कि नवंबर 2024 में राशि अस्वीकृति अनुपात घटकर 14 प्रतिशत रह गया है।
वित्त वर्ष 2023-24 में ईपीएफओ ने 1.82 लाख करोड़ रुपये की राशि के 4.45 करोड़ दावे का निपटान किया था जबकि वर्तमान वित्त वर्ष में 1.57 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 3.83 करोड़ क्लेम का निपटारा किया जा चुका है।
ईपीएफओकी सूचना प्रोद्योगिकी आधुनिकीकरण परियोजना सीआईटीईएस- के तहत परियोजना के कार्यान्वयन के साथ हीईपीएफओ हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को समुन्नत बनाया जारहा है। परियोजना 2.01 के तहत नई संचालन प्रणालीलागू की जा रही है। इससे दावे निपटान की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। नया सॉफ्टवेयर मॉड्यूल यूनिवर्सल अकाउंट नंबरआधारित लेखा-जोखा को सक्षम बनाएगा, जिसमें एक सदस्य-एक खाता प्रणाली होगीऔर दावा निपटान में सदस्यों की परेशानी कम होगी।
सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए न्यासी बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सदस्यों के लाभ हेतु निर्णय:
सीबीटी ने ईपीएफ योजना, 1952 के अनुच्छेद60(2)(बी) में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी जिसमें अबनिपटान की तारीख तक सदस्यों को ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इससे सदस्यों को वित्तीय लाभ होगा और शिकायतें कम होंगी।मौजूदा प्रावधानों के अनुसारमहीने की 24 तारीख तक निपटाए गए दावे के लिएब्याज का भुगतान केवल पिछले महीने के अंत तक होता था।
सदस्यों को ब्याज हानि से बचाने के लिए अब तकब्याज रहित दावों को 25 तारीख से लेकर प्रत्येक महीने के अंत तक संसाधित नहीं किया जाता था। नये निर्णय के बादइन दावों को पूरे महीने संसाधित किया जाएगाजिससे लंबित मामलों में कमी आएगी औरसमय पर निपटान होगा। यह कुशल, पारदर्शी और सदस्य-केंद्रित सेवा प्रदान करने की ईपीएफओ की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
केंद्रीय न्यासी बोर्ड को अवगत कराया गया कि केंद्रीयकृत पेंशन भुगतान प्रणाली (सीपीपीएस) का पहला मार्गदर्शी चरण अक्टूबर, 2024 में करनाल, जम्मू और श्रीनगर में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब इसका दूसरा चरण नवंबर, 2024 में 20 अतिरिक्त क्षेत्रीय कार्यालयों में आरंभ किए गए है,जिसमें 8.3 लाख पेंशनभोगियों को 195 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
ईपीएफओ की आईटी आधुनिकीकरण परियोजना, सीआईटीईएस 2.01 में केंद्रीयकृत पेंशन भुगतान प्रणाली कार्यान्वित किया जाना हैजिसकी लक्षित परिचालन तिथि 1 जनवरी 2025 है। इससे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के 78 लाख से अधिक पेंशन योजना धारको को लाभ होगा। पेंशनभोगी इस के जरिए देश में किसी भी बैंक और किसी भी शाखा से अपनी पेंशन ले सकेंगे। इससे दावा प्रक्रिया में तेजी आएगी और सत्यापन आदि के लिए बैंक जाने की आवश्यकता समाप्त होगी।
केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने 28.04.2021 के सामान्य वैधानिक नियम 299(ई) के माध्यम से कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना लाभों का विस्तार 28.04.2024 से पूर्वव्यापी प्रभाव से अनुमोदित कर दिया। इससे कर्मचारियों को न्यूनतम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 7 लाख रुपये तक का लाभ मिलेगा। कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्यों को निर्बाध लाभ सुनिश्चित कराने के लिए 6,385.74 करोड़ रुपये के अधिशेष वाले बीमांकिक मूल्यांकन समर्थित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
बोर्ड ने वर्ष 2023-24 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की 71 वीं वार्षिक रिपोर्ट को भी मंजूरी दीऔर केंद्र सरकार के माध्यम से संसद के समक्ष प्रस्तुत करने की सिफारिश की।
नियोक्ता केन्द्रित:
केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने कर्मचारी भविष्य निधि अंशदान के केंद्रीकृत संग्रह के लिए बैंकों के मानदंडों को सरल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसमें भारतीय रिर्जव बैंक के साथ सूचीबद्ध सभी बैंक शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, न्यासी बोर्ड ने अन्य अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के पैनल को भी मंजूरी दी जो रिर्जव बैंक के एजेंसी बैंक नहीं हैंलेकिन उनका कुल भविष्य निधि संग्रह न्यूनतम 0.2 प्रतिशतहै। इस मानदंड को पहले के 0.5 प्रतिशत से शिथिल बनाया गया है। यह पहल व्यापार और सेवा प्रदान करने दोनो में सुगमता बढ़ाएगी। सूचीबद्ध बैंकों द्वाराकर्मचारी भविष्य निधि संगठन को टी +1 आधार पर संग्रह प्राप्त होते हैं, जबकि एग्रीगेटर मोड के माध्यम से संग्रह टी +2 आधार पर प्राप्त होते हैं।
केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने केंद्र सरकार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठनआम माफी योजना 2024 की सिफारिश की जिसकाउद्देश्य नियोक्ताओं को दंड या कानूनी परिणामके बिना स्वेच्छा से पिछले गैर-अनुपालित या अल्प-अनुपालनका खुलासा करने और उसे सुधारने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसमें नियोक्ताओं की ओर से एक सरल ऑनलाइन घोषणा ही पर्याप्त होगी। स्वैच्छिक अनुपालन के लिए सीमित अवधि प्रदान करने कीइस योजना का उद्देश्य अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ पहुंचाना, नियोक्ताओं के साथ विश्वास बढ़ाना और कार्यबल में औपचारिकता को बढ़ावा देना है। इस योजना का केंद्रीय न्यासी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वागत किया गया।
आम माफी योजना, रोजगार बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में नौकरियों के औपचारिककरण को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन का समर्थन करेगी। माना जा रहा है कि कई छोटे प्रतिष्ठान रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन -ईएलआई योजना के तहत लाभ उठाना चाहते हैलेकिन ईपीएफओ में नामांकन करने में चिंतित रहते हैं। यह माफी योजना ऐसे नियोक्ताओं को बिना किसी भय या अतिरिक्त वित्तीय बोझ के नामांकन कराने का विश्वास देगी।
सदस्यों को बेहतर रिटर्न देने के लिए कोष का विवेकपूर्ण निवेश:
केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना के ब्याज खातेके आय अर्जन हेतु केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों -सीपीएसई और भारत 22 में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड- र्ईटीएफ निवेश के मोचन नीति को मंजूरी दे दी। नीति में न्यूनतम पांच वर्ष की होल्डिंग, सरकारी प्रतिभूतियों से अधिक रिटर्न और सीपीएसई और भारत 22 सूचकांकों से ऊपर प्रदर्शित करना अनिवार्य बनाया गया है।
सीबीटी ने सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) प्रायोजित अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट्स)/रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट्स (आरईआईटी) द्वारा जारी इकाइयों में निवेश के दिशानिर्देशों को मंजूरी दीजो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा विनियमित हैं और निवेश के पैटर्न की श्रेणी वी (बी) और वी (डी) के अंतर्गत आते हैं।
ईपीएफओ स्थापना/मानव संसाधन मामले:
10 फरवरी, 2024 को आयोजित केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 235वीं बैठक के कार्यवृत्त भी बोर्ड की पुष्टि हेतु रखे गए। इसके अलावान्यासी बोर्ड की उप-समितियों (i) वित्त एवं लेखा परीक्षा समिति (ii) निवेश समिति (ii) पेंशन एवं कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना कार्यान्वयन समिति और (iv) छूट प्राप्त प्रतिष्ठान समिति की बैठकों के कार्यवृत्त भी सूचना के लिए बोर्ड के समक्ष रखे गए ।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में अनुकंपा नियुक्ति की नीति 2024 को भी न्यासी बोर्ड द्वारा मंजूरी दी गई है। अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्रता मानदंड और स्वीकार्यता कीन्यूनतम अर्हता में ढील दी गई है। इससे भविष्य निधि संगठन के कई कर्मचारियों के आश्रितों और बच्चों को राहत मिलेगीजिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हुई है।
केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने सामाजिक सुरक्षा सहायकों (एसएसए) को संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रगति (एमएसीपी) योजना के अनुदान से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। यह उचित और समयबद्ध तौर पर सेवा में प्रगति के अवसर प्रदान करता है।इससे संगठन की समग्र प्रशासनिक दक्षता सुदृढ़ होगी। इस निर्णय से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के 2350 से अधिक एसएसए को लाभ मिलेगा।
कर्मचारी डिपॉजिट लिकंड स्कीम नियम पुस्तिका और पेंशन नियम पुस्तिका को भी न्यासी बोर्ड ने अनुमोदित किया।
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