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IFS अधिकारी प्रशिक्षुओं को पर्यावरण कानून में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (PGDEL) प्रदान करने के लिए IGNFA, देहरादून और NLSIU, बेंगलुरु के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी प्रशिक्षुओं को पर्यावरण कानून में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीईएल) प्रदान करने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू), बेंगलुरु के बीच आज एनएलएसआईयू परिसर, बेंगलुरु में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौता ज्ञापन पर वन महानिदेशक और विशेष सचिव, सी.पी.गोयल आईएफएस की उपस्थिति में, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून के निदेशक डॉ. भारत ज्योति आईएफएस और एनएलएसआईयू के कुलपति, डॉ. सुधीर कृष्णस्वामी ने हस्ताक्षर किए।

समझौता ज्ञापन प्रीमियर लॉ स्कूल के संकाय द्वारा अधिकारियों को अपेक्षित कानूनी ज्ञान प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह पर्यावरण और वानिकी क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों को पर्यावरण कानूनों के क्षेत्र में प्रशिक्षित और सक्षम अधिकारियों का एक पूल भी उपलब्ध कराएगा साथ ही पर्यावरण एवं वन क्षेत्र पर केंद्र और राज्य के कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विषय भी उपलब्ध कराएगा।

यह पाठ्यक्रम आईजीएनएफए, देहरादून में एनएलएसआईयू संकाय द्वारा संचालित किया जाएगा और अधिकारी प्रशिक्षुओं के व्यावसायिक पाठ्यक्रम की कार्यक्रम अवधि के भीतर पूरा किया जाएगा। समझौता ज्ञापन प्रारंभ में 5 वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होगा।

भारत में पर्यावरण न्यायशास्त्र तेजी से विकसित हो रहा है। यह अधिनियमित किए गए पर्यावरणीय कानूनों की संख्या और उच्च न्यायालयों द्वारा जारी किए जा रहे विभिन्न निर्देशों में भी परिलक्षित होता है। इसलिए, यह बहुत आवश्यक हो जाता है कि वन और पर्यावरण नौकरशाही इन मुद्दों पर बेहतर तरीके से सुसज्जित और अद्यतन हो। यह भारत सरकार के मिशन कर्मयोगी के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य भारत में सिविल सेवाओं का क्षमता निर्माण करना है।

अभी तक वन अधिकारियों की कानूनी शिक्षा आंतरिक विशेषज्ञों द्वारा संचालित की जाती थी लेकिन एनएलएसआईयू, बेंगलुरु के साथ इस व्यवस्था के माध्यम से अधिकारियों को उनके करियर की शुरुआत में ही व्यवसाय में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तित्वों द्वारा एक उद्देश्यपूर्ण और पेशेवर इनपुट प्रदान करने का प्रावधान किया जा रहा है। यह समझौता ज्ञापन इस सेवा में प्रवेश करने वाले अधिकारियों को गुणवत्ता प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए एमओईएफसीसी में विभिन्न स्तरों पर दृष्टिकोणों और प्रयासों का परिणाम है।

इस अवसर पर बेंगलुरु में तैनात भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और संकाय सदस्य उपस्थित थे।

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