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DRDO ने “सशस्त्र बलों की मानव पूंजी का अनुकूलन: मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य” पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की दिल्ली स्थित प्रयोगशाला, रक्षा मनोवैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान (DIPR) द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “सशस्त्र बलों की मानव पूंजी का अनुकूलन: मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य” का उद्घाटन 25 अप्रैल, 2023 को दिल्ली में किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य दुनिया भर में सशस्त्र बलों की मानव पूंजी से जुड़ी हाल की प्रगति, उभरती प्रवृत्तियों और मनोविज्ञान की चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है। इस सम्मेलन में तीनों सेवाओं, डीआरडीओ प्रयोगशालाओं और शिक्षाविदों की भागीदारी है।

इस सम्मेलन के प्रमुख विषयों में व्यक्तित्व मूल्यांकन, नेतृत्व, मनोवैज्ञानिक परीक्षण और न्यूरो-कॉग्निटिव मूल्यांकन, मनोवैज्ञानिक युद्ध और हाई-टेक व चरम वातावरणों में मनोवैज्ञानिक कार्यों में उभरते हुए ट्रेंड शामिल हैं। इसमें भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों के मनोविज्ञान के दिग्गजों के मुख्य भाषण, पैनल चर्चाएं और सत्र शामिल हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के वक्ता शामिल हैं।

इस उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत ने डीआईपीआर के योगदान की सराहना की और कहा कि ये प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है और इसे असरदार ढंग से एकीकृत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संज्ञानात्मक युद्ध और कॉग्निटिव डोमेन ऑपरेशन अब महत्वपूर्ण नए आयामों में से एक के रूप में उभर रहे हैं और भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक-केंद्रित युद्ध का जो मौजूदा युग है इसमें मनोविज्ञान, मानव-मशीन का अनुकूलतम इंटरफेस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष और सम्मेलन के मुख्य संरक्षक डॉ. समीर वी कामत ने अपने संदेश के माध्यम से प्रासंगिक क्षेत्रों में अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए डीआईपीआर में अनुसंधान प्रयासों को मजबूत करने के लिए नए विचारों और दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान, विविध क्षेत्रों में उपयोगी विचार-विमर्श के लिए तमाम प्रतिनिधियों और आयोजकों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल सीबी पोनप्पा ने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के दौरान जिन व्यापक क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है, वे सशस्त्र बलों के लिए सहायक होंगे।

लाइफ साइंसेज के महानिदेशक, डॉ. यूके सिंह ने सैन्य मनोविज्ञान के मामलों में बहुत जटिल समस्याओं के समाधान के लिए मनोवैज्ञानिक प्रणाली के दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए मनोविज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, डेटा माइनिंग और बड़े डेटा विश्लेषण के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।

डीआईपीआर के निदेशक डॉ. के रामचंद्रन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सैन्य मनोविज्ञान में विभिन्न प्रवृत्तियों और उभरती चुनौतियों को सामने लाने के लिए एक महान संबल होगा।

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