भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने उद्योग की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सीमेंट उत्पादन डेटा संग्रह करने के तंत्र पर कल भारतीय सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श किया।
सीमेंट भारत के प्रमुख आठ उद्योगों में से एक है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में इन आठ कोर उद्योगों का 40.27 प्रतिशत वस्तुओं का भारांक शामिल है। सीमेंट उत्पादन डेटा का उपयोग डीपीआईआईटी के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की गणना के लिए किया जाता है जिसमें सीमेंट उत्पादन का भारांक 5.37 प्रतिशत है।
भारतीय सीमेंट उद्योग 600 मिलियन टन की स्थापित सीमेंट क्षमता और वर्ष 2022-23 में 391 मिलियन टन सीमेंट के उत्पादन के साथ दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है। वर्तमान में डीपीआईआईटी द्वारा, सीमेंट उत्पादन डेटा का संग्रह सीमेंट सूचना प्रणाली (सीआईएस) पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। यद्यपि, कुछ संयंत्र नियमित रूप से डेटा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
सीमेंट उत्पादन डेटा का उपयोग सरकार द्वारा नीतिगत निर्णयों और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की गणना के लिए किया जाता है। उन्होंने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मजबूत और सटीक डेटा से सीमेंट उद्योग सहित सभी को सही निर्णय लेने में सुलभता होगी। इस डेटा पर विभिन्न एजेंसियां और निवेशक भी विश्वास जता कर रहे हैं। उन्होंने सीमेंट उद्योग से 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और उत्पादन डेटा नियमित रूप से प्रस्तुत करने का विशेष अनुरोध किया।
डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने बताया कि डीपीआईआईटी व्यवसाय करने में आसानी के तहत सीमेंट संयंत्रों को 150 दिनों तक की अवधि के लिए या जब तक संयंत्र को बीआईएस प्रमाणन नहीं मिल जाता है, जो भी पहले हो, बिना आईएसआई मार्क के सीमेंट के निर्माण और बिक्री के लिए अनौपचारिक अनुमति प्रदान कर रहा है। भविष्य में अनौपचारिक अनुमति देने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सीआईएस पोर्टल में पंजीकरण एक पूर्व अपेक्षित पात्रता होगी। उन्होंने यह भी बताया कि सीआईएस पोर्टल को संशोधित किया जा रहा है और यह संशोधित सीआईएस पोर्टल शीघ्र ही लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने सीआईएस पोर्टल के अद्यतन के लिए राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद (एनसीसीबीएम) को सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों से चर्चा करने के चर्चा करने के लिए निर्देश दिये।
सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों ने डीपीआईआईटी को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा सीमेंट उत्पादन डेटा नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सीमेंट उद्योग का सटीक और प्रामाणिक उत्पादन डेटा सभी के लिए लाभदायक होगा। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यह भी आश्वासन दिया कि शेष संयंत्रों को 31 मार्च, 2024 तक सीआईएस पोर्टल पर लाया जाएगा।
09.02.2023 को हाइब्रिड मोड में एक बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें एनसीसीबीएम के अधिकारियों के अलावा, सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (सीएमए) और विभिन्न सीमेंट कंपनियों, सौराष्ट्र सीमेंट लिमिटेड, डालमिया सीमेंट (बी) लिमिटेड; श्री सीमेंट लिमिटेड; अदानी समूह; स्टार सीमेंट लिमिटेड; जम्मू और कश्मीर सीमेंट लिमिटेड (जेकेसीएल); हीडलबर्ग सीमेंट; ओरिएंट सीमेंट; श्री सीमेंट; नुवोको विस्टास कॉर्प; जुआरी सीमेंट लिमिटेड; माई होम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, द इंडिया सीमेंट लिमिटेड और डीपीआईआईटी के सीमेंट अनुभाग के अधिकारियों ने भाग लिया ।
ICC क्या है? क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी संस्था की पूरी जानकारी क्रिकेट की दुनिया… Read More
शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ… Read More
RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS)… Read More
ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान मैच स्कोरकार्ड: 22 रन से जीता पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच… Read More
1 जून को बदलेगा मौसम का मिजाज, उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का… Read More
Anthropic के Claude AI की खासियतें क्या हैं? Claude AI की सबसे बड़ी विशेषता इसका… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment