भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बेटाइन बी. वी. द्वारा हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस लिमिटेड की वैश्विक हेल्थकेयर बीपीओ सेवाओं के अधिग्रहण को स्वीकृति दे दी है।
प्रस्तावित संयोजन बेटाइन बी. वी. (बेटाइन) द्वारा कुछ संपत्तियां, अनुबंध और कर्मचारियों सहित हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस लिमिटेड (एचजीएस) की वैश्विक हैल्थकेयर बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) सेवाओं के अधिग्रहण से संबंधित है।
इस प्रस्तावित लेनदेन के उद्देश्य के लिए हाल में नीदरलैंड में बेटाइन की स्थापना की गई है और यह द बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया फंड VIII सहित कई फंडों के पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी है। द बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया फंड VIII, बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया प्रा. लि. (बीपीईए) से संबद्ध फंड है। बेटाइन वर्तमान में भारत में किसी भी कारोबारी गतिविधि (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से) से जुड़ी नहीं है।
बीपीईए एशिया में प्राइवेट इक्विटी निवेशों पर जोर के साथ एक अंतर्राष्ट्रीय प्राइवेट इक्विटी कंपनी है। बीपीईए और उसकी सहायक कंपनियों का वर्तमान में अन्य कार्यों के साथ ही विभिन्न इकाइयों में निवेश बना हुआ है, जो भारत में बीपीओ सेवाओं में प्रोविजन के साथ ही इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) एंड आईटी इनेबिल्ड सर्विसेज (आईटीईएस) से जुड़ी हुई है।
एचजीएस आईटी और आईटीईएस सेवाओं के प्रोविजन में जुड़ी हुई है और दुनिया भर के ग्राहकों को सेवाएं देती है। उसके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में मार्केटिंग और डिजिटल इनेबिलमेटं सेवाएं और उपभोक्ता संवाद सेवाएं शामिल हैं। लक्षित कारोबार में मुख्य रूप से एचजीएस द्वारा दी जाने वाली बीपीओ सेवाएं शामिल हैं और यह मुख्य रूप से स्वास्थ्य खंड के ग्राहकों को सेवाएं देती है।
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment