कोविड-19 महामारी के प्रबंधन के लिए सकारात्मक और जोखिम आधारित पहल को जारी रखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 28 नवंबर, 2021 को संशोधित ‘अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए दिशा-निर्देश’ जारी किए। अद्यतन दिशा-निर्देशों के तहत ‘जोखिम वाले देशों’ के रूप में पहचाने जाने वाले देशों से भारत आने वाले यात्रियो को प्रस्थान से 72 घंटे पहले किए गए पूर्व-प्रस्थान कोविड-19 परीक्षण के अलावा हवाई अड्डे पर आगमन के बाद सभी यात्रियों को (कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति के बावजूद) अनिवार्य रूप से कोविड-19 परीक्षण से गुजरना होगा। इन परीक्षणों में संक्रमित पाए गए यात्रियों को आइसोलेशन में रखा जाएगा और नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाएगा तथा सम्पूर्ण जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए उनके नमूने भी लिए जाएंगे। संक्रमण से मुक्त पाए गए यात्री हवाई अड्डे से प्रस्थान कर सकते हैं, किन्तु उन्हें 7 दिनों तक अपने घर में ही आइसोलेशन में रहना होगा, इसके बाद भारत में आगमन के 8वें दिन दोबारा परीक्षण किया जाएगा, फिर 7 दिनों तक स्व-निगरानी होगी।
इसके अलावा, ओमिक्रोन वेरिएंट की रिपोर्ट करने वाले देशों की बढ़ती संख्या की रिपोर्टों के मद्देनजर, वर्तमान दिशानिर्देशों में यह भी अनिवार्य किया गया है कि उन देशों से आने वाले यात्रियों में से 5 प्रतिशत जो ‘जोखिम की श्रेणी’ में नहीं हैं, उनका भी हवाई अड्डों पर कोविड-19 के लिए क्रमरहित आधार पर परीक्षण किया जाएगा।
हवाई अड्डों पर घरेलू आइसोलेशन अथवा क्रमरहित नमूने की जांच दौरान कोविड-19 से संक्रमित पाये गए सभी व्यक्तियों के नमूने को एसएआरएस-सीओवी-2 वैरिएंट (ओमिक्रोन) की उपस्थिति का पता लगाने के लिए निर्धारित आईएनएसएसीओजी नेटवर्क प्रयोगशालाओं में संपूर्ण जीनोमिक सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।
डब्ल्यूएचओ को पहली बार दक्षिण अफ्रीका से बी.1.1.1.529 वैरिएंट (ओमिक्रोन) की रिपोर्ट 24 नवंबर 2021 को मिली थी और एसएआरएस-सीओवी-2 वायरस इवोल्यूशन (टीएजी-वीई) पर डब्ल्यूएचओ के तकनीकी सलाहकार समूह ने वेरिएंट में अत्यधिक म्यूटेशन को ध्यान में रखते हुए, जिनमें से कुछ म्यूटेशन अधिक संक्रामक तथा इम्यून से बेअसर पाए गये, 26 नवंबर, 2021 को इसे चिंताजनक वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया। इस मुद्दे पर उभरते सबूतों की निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की जा रही है।
राज्यों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी निगरानी, परीक्षण में वृद्धि, कोविड-19 के हॉटस्पॉट की निगरानी, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में वृद्धि सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है, जिसमें संपूर्ण जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए नमूने शामिल हैं।
इसके साथ ही, महामारी की उभरती प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बारीकी से कोविड उपयुक्त व्यवहार (मास्क/फेस कवर का उपयोग, शारीरिक दूरी, हाथ की स्वच्छता और श्वसन स्वच्छता का उपयोग) का सख्ती से निरंतर अनुपालन कर रहा है और सामुदायिक स्तर पर कोविड-19 टीकाकरण में जुटा है, जो कोविड के प्रबंधन का मुख्य आधार है।
नया दिशा-निर्देश 1 दिसंबर, 2021 (00.01 बजे) से प्रभावी होगा।
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