केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग (एमओपीएसडब्ल्यू) तथा आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने असम में डिब्रूगढ़ के निकट बोगीबील क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री द्वारा बोगीबील और गुइजान में दो फ्लोटिंग जेट्टी के निर्माण की आधारशिला रखी गई। सर्बानंद सोनोवाल ने बोगीबील रिवरफ्रंट पैसेंजर जेट्टी का भी उद्घाटन किया। इस समारोह में केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और श्रम राज्यमंत्री रामेश्वर तेली; भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता सहित कई गण्यमान्य उपस्थित थे।
डिब्रूगढ़ जिले के बोगीबील और तिनसुकिया जिले के गुइजान में दो फ्लोटिंग जेट्टी का निर्माण अत्याधुनिक एवं उन्नत तकनीक का उपयोग करके अत्याधुनिक टर्मिनलों के रूप में किया जाएगा। इन दोनों जेट्टी का निर्माण भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा राष्ट्रीय जलमार्ग – 2 (एन डब्ल्यू-2), जिसे ब्रह्मपुत्र नदी के नाम से जाना जाता है, पर किया जा रहा है। इस कार्य की जिम्मेदारी कोस्टल कंसोलिडेटेड स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड को ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण) अनुबंध मोड पर दी गई है। दोनों जेट्टी का निर्माण 8.25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से होगा और इसे फरवरी, 2023 तक पूरा किया जाना है।
सर्बानंद सोनोवाल ने बोगीबील रिवरफ्रंट पैसेंजर जेट्टी का भी उद्घाटन किया, जिसे बोगीबील पुल के निकट रिवरफ्रंट के विकास के हिस्से के रूप में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) द्वारा विकसित किया गया है। इसके अलावा, रिवरफ्रंट साइट के हिस्से के रूप में एक खुला मंच, एक रेस्तरां, आठ जैव-शौचालय और छह शामियाना बनाने की योजना है। पूरी संरचना का निर्माण रेल स्तंभों पर किया गया है, जो डब्ल्यूपीसी बोर्ड फर्श द्वारा कवर किए गए कोणीय फ्रेम से लैस है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2.5 करोड़ रुपये है। इस परियोजना के तहत कुल 3560 वर्ग मीटर क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। सर्बानंद सोनोवाल के आदेश पर बोगीबील में हुई एक बैठक के बाद इस क्षेत्र को इस इलाके का एक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से रिवरफ्रंट के विकास का कार्य चल रहा है।
इस कार्यक्रम में बोलते हुए, सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “हमारे नेता – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी – का दृष्टिकोण अंतर्देशीय जलमार्गों के आर्थिक और इकोलॉजी की दृष्टि से सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स मार्ग की संभावनाओं का समुचित दोहन करने का है। पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ही वह कुंजी है जिसका उपयोग हम आज यहां राष्ट्रीय जलमार्ग 2, जोकि हमारी ब्रह्मपुत्र नदी है, के सहारे असम में अंतर्देशीय जल परिवहन की विशाल क्षमता का दोहन करने के लिए कर रहे हैं। हमें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और एक ऐसे आर्थिक परिदृश्य का निर्माण करना चाहिए जो पूरे उत्तर पूर्व क्षेत्र को भारत के विकास के नए इंजन के रूप में शक्ति प्रदान करे। हमारी सरकार अंतर्देशीय नौवहन, नदी क्रूज पर्यटन और ब्रह्मपुत्र में उपयुक्त टर्मिनलों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त रास्ते तलाश रही है। केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत की सबसे लंबी नदी क्रूज सेवा अगले साल की शुरुआत में वाराणसी और बोगीबील के बीच शुरू होगी, जो गंगा, आईबीपीआर और ब्रह्मपुत्र के रास्ते 4,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। यह असम के लोगों के लिए पर्यटन और कार्गो परिवहन में व्यापार तथा आजीविका को बढ़ावा देने के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों का उपयोग करने का एक नया अवसर प्रदान करने वाला है।
फ्लोटिंग जेट्टी के अलावा, फेरी घाट, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, सार्वजनिक खाने के स्टॉल, पर्यटन स्थल, पिकनिक के स्थान, इको रिसॉर्ट आदि के निर्माण की योजना भी बनाई जा रही है। ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलीमर लिमिटेड, ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प आदि जैसे आसपास के उद्योगों के सामानों के उपयुक्त परिवहन के लिए बोगीबील में एक स्थायी कार्गो टर्मिनल की योजना भी बनाई जा रही है। इस संबंध में एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। गुइजान घाट के निकट प्रस्तावित पर्यटन टर्मिनल लोहित नदी के तट पर स्थित है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा, “प्रकृति ने हमें सबसे शक्तिशाली संसाधनों में से एक – ब्रह्मपुत्र नदी – प्रदान की है। हमारी सभ्यता हमेशा अपनी ताकत, अपनी क्षमता और अपने संकल्प की मदद से समृद्ध हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृष्टि इस समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, जिसे असम के लोग ब्रह्मपुत्र नदी के साथ साझा करते हैं, को आगे बढ़ाने और इस क्षेत्र में मौजूद विशाल आर्थिक विकास की क्षमता के सदुपयोग हेतु मल्टी मोडल विकल्पों को सक्रिय करने की है। हमारा ईमानदार प्रयास राष्ट्रीय जलमार्ग – 2 (एन डब्ल्यू-2) यानी ब्रह्मपुत्र को फिर से गतिशील बनाना है ताकि इस क्षेत्र के व्यावसायिक जगत द्वारा कार्गो की आवाजाही की विशाल क्षमता का लाभ उठाया जा सके।”
बोगीबील टर्मिनल का प्रोजेक्ट इन्फ्लुएंस एरिया (पीआईए) असम का ऊपरी हिस्सा है जो डिब्रूगढ़ का इलाका है और इसमें गोलाघाट, जोरहाट, सिबसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और नगालैंड के कुछ हिस्से शामिल हैं। यह पीआईए कागज उद्योग, कोयला, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, चाय बागानों, उर्वरक उत्पादन इकाई और रिफाइनरियों से भरपूर है। इसी तरह, अंतर्देशीय नौवहन की विशाल क्षमता और लोहित एवं ब्रह्मपुत्र नदी पर नदी क्रूज पर्यटन की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा, इस मार्ग पर जेट्टी के विकास पर विचार किया जाएगा और इस क्षेत्र की इकोलॉजी की दृष्टि से संवेदनशील आर्थिक विकास के अवसर का दोहन किया जायेगा।
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