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रसायन विज्ञान का नोबल पुरस्‍कार कैंसर के इलाज में कारगर अनुसंधान के लिए तीन वैज्ञानिकों को संयुक्‍त रूप से दिया जाएगा

इस वर्ष रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार कैरोलिन बर्टोज़ी, मॉर्टन मेल्डल और बैरी शार्पलेस को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। इन्हें यह पुरस्कार अणुओं के टूटने (स्निप्पिंग ऑफ मॉलिक्यूल्स टुगैदर ) पर किए गए काम के लिए दिया गया है। इस प्रक्रिया को क्लिक रसायन विज्ञान के रूप में जाना जाता है। “क्लिक” रसायन विज्ञान जीवित कोशिकाओं की तरह अणुओं को एक साथ जोड़ने के बारे में है। उनके काम का उपयोग कोशिकाओं का पता लगाने और जैविक प्रक्रियाओं की निगरानी करने के लिए किया जाता है। इसका कैंसर उपचार की दवाओं में उपयोग किया जा सकता है।

अमरीका की कैरोलिन बर्टोज़ी तथा बैरी शार्पलेस, और डेनमार्क के वैज्ञानिक मोर्टन मेल्डल को क्लिक केमिस्ट्री और बायोऑर्थोगोनल प्रतिक्रियाओं पर उनके काम के लिए ख्याति मिली थी। इनका उपयोग कैंसर की दवाएं बनाने, डीएनए मैप करने और विशिष्ट उद्देश्य के अनुरूप सामग्री बनाने के लिए किया जाता है।

2001 में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले अस्सी वर्षीय शार्पलेस अब दो बार पुरस्कार प्राप्त करने वाले पांचवें व्यक्ति बन गए हैं। अड़सठ वर्षीय मेल्डल डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। वे इस समय स्क्रिप्स रिसर्च, कैलिफोर्निया के साथ जुड़े हुए हैं। पचपन वर्षीय बर्टोज़ी कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा कल की जाएगी। नोबेल शांति पुरस्कार शुक्रवार को घोषित किया जाएगा।

चिकित्सा और भौतिक विज्ञान के नोबेल पुरस्कार पहले ही घोषित किए जा चुके हैं।

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